Uttarakhand: पौड़ी में गुलदार के हमले से बेटी को बचाने के लिए मां ने दरांती से किया संघर्ष, जान बचाई – The Hill News

Uttarakhand: पौड़ी में गुलदार के हमले से बेटी को बचाने के लिए मां ने दरांती से किया संघर्ष, जान बचाई

सतपुली (पौड़ी): पौड़ी जिले के पोखड़ा ब्लाक स्थित ग्राम हलूणी में रविवार सुबह एक मां ने अपनी बेटी को गुलदार के हमले से बचाने के लिए असाधारण साहस का परिचय दिया. जब गुलदार ने 23 वर्षीय प्रिया नेगी पर हमला किया और उसे अपने पंजे में जकड़ लिया, तो 55 वर्षीय शोभा देवी बिना वक्त गंवाए अपनी बेटी की ढाल बन गईं और दरांती से गुलदार से भिड़ गईं.

घटना सुबह करीब साढ़े नौ बजे की है, जब हलूणी निवासी शोभा देवी और उनकी बेटी प्रिया नेगी गांव से करीब 100 मीटर दूर खेतों में घास काटने गई थीं. इसी दौरान पास की झाड़ियों में घात लगाए बैठे एक गुलदार ने प्रिया पर हमला कर दिया और उसे अपने अगले पंजों से दबोच लिया.

बेटी की चीख-पुकार सुनते ही करीब 20 मीटर दूर दूसरे खेत में घास काट रही शोभा देवी ने बेटी की ओर दौड़ लगा दी. जिस दरांती से वह घास काट रही थीं, उसी के सहारे गुलदार से भिड़ गईं. खूंखार गुलदार की दहाड़ से भले ही जिगर कांप रहा था, लेकिन शोभा देवी ने हिम्मत नहीं हारी. जान की परवाह किए बिना वह उस पर दरांती से लगातार वार करती रहीं. गुलदार ने शोभा देवी पर भी हमला करने का प्रयास किया, लेकिन उनके लगातार वार से कुछ ही सेकंड में गुलदार पीछे हटने को मजबूर हो गया और प्रिया को अपने पंजे की कैद से छोड़कर भाग गया.

इस संघर्ष में प्रिया के हाथ, पैर और पीठ पर गुलदार के पंजे लगने से वह घायल जरूर हुई, लेकिन उसकी जान बच गई. गांव में हर कोई मां के इस साहस की प्रशंसा कर रहा है. मां-बेटी गांव लौटीं और ग्रामीणों को पूरी घटना बताई. ग्रामीणों ने तत्काल प्रिया को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांवखाल पहुंचाया. अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर मीना ने बताया कि प्रिया के शरीर पर कई जगह गुलदार के नाखूनों के निशान हैं, लेकिन उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई है.

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने अस्पताल पहुंचकर घायल प्रिया का हाल जाना और वन विभाग के अधिकारियों को गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने के निर्देश दिए. एकेश्वर विकासखंड के ज्येष्ठ उपप्रमुख मुकेश पांथरी ने बताया कि क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं. पोखड़ा ब्लाक के श्रीकोट, ल्यूंठा, लियाखाल, चोपड़ा, किमगडी, गवाणी, सलाण, झलपाणी, पालीधार और किलवास जैसे गांवों में भी गुलदार की दहशत है.

जिले में तीन माह में पांच मौतें

पौड़ी जिले में पिछले तीन माह में गुलदार व बाघ के हमलों में पांच लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दस लोग घायल हुए हैं. जून में एकेश्वर ब्लाक के ग्राम मुंडियाप में गुलदार ने एक ग्रामीण को निवाला बना लिया था. इसी माह द्वारीखाल के ग्राम हलसी में बाघ ने एक महिला को मार डाला. इसके बाद अगस्त में सतपुली मल्ली और सितंबर में श्रीकोट गांव में गुलदार ने एक-एक बच्चे को निवाला बनाया. इन घटनाओं से क्षेत्र में वन्यजीवों के हमलों को लेकर चिंता बढ़ गई है.

 

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