राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने पर सब राजी – The Hill News

राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने पर सब राजी

राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष होना तय माना जा रहा है। हालांकि अगले साल इसके चुनाव होंगे। लेकिन शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस प्रस्ताव पर तकरीबन सभी नेताओं ने हामी भर दी है। ऐसे में राहुल गांधी का अगले साल राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाना तय हो गया है। वहीं सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों की इस मांग पर राहुल गांधी ने विचार करने की बात कही है। खास बात यह है कि इस प्रस्ताव में हामी भरने वाले जी-23 के वे बागी नेता भी हैं, जो कल तक पार्टी के तमाम फैसलों पर न सिर्फ सवालिया निशान लगाते रहे थे बल्कि राहुल गांधी पर भी सवाल उठाते थे।

शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें सबसे अहम मुद्दा पार्टी के पूर्णकालिक अध्यक्ष को लेकर रहा। सूत्रों के मुताबिक बैठक में तय हुआ कि अगले कुछ महीने में होने वाले पांच विधानसभा राज्यों के चुनावों के बाद कांग्रेस का नया अध्यक्ष चुना जाएगा। सूत्रों के मुताबिक राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बैठक में राहुल गांधी को बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव रखा। सूत्र बताते हैं कि बैठक में शामिल सभी नेताओं ने उनके इस प्रस्ताव पर न सिर्फ सहमति जताई, बल्कि अगले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होने के बाद पार्टी के संविधान के मुताबिक चुनाव कराकर राहुल गांधी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर हामी भरी। फिलहाल राहुल गांधी ने उनकी इस मांग पर विचार करने की बात कही है।

जिस तरीके से सोनिया गांधी ने शनिवार की इस बैठक में कड़े तेवर अख्तियार कर कांग्रेस के बागी नेताओं को आईना दिखाया, उससे एक बात स्पष्ट है कि पार्टी में किसी भी तरह अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में शामिल सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी के कड़े तेवरों के चलते ही जी-23 के ज्यादातर नेता खुद को पार्टी की विचारधारा और पार्टी संविधान के अनुरूप न सिर्फ काम करने के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को राजी हुए बल्कि पार्टी भी उन्हें आने वाले दिनों में कई नई जिम्मेदारियां देने की तैयारी कर रही है। हालांकि इससे पहले भी पार्टी ने इस नाराज गुट के कई नेताओं को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देख कर न सिर्फ पार्टी में उनका मान बढ़ाया बल्कि उन्हें इस बात का अहसास भी कराया कि पार्टी संविधान के मुताबिक अगर वह चलते हैं तो पार्टी उन्हें आगे भी कई जिम्मेदारियां देगी।

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