Delhi: पाकिस्तान में एससीओ शिखर सम्मेलन: क्या पीएम मोदी जाएँगे?

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नई दिल्ली, 7 मई, 2023: इस साल पाकिस्तान शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की मेजबानी करने वाला है। इस बैठक में समूह देशों के सभी शासनाध्यक्षों को आमंत्रित किया जाता है, जिसमें भारत भी शामिल है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पाकिस्तान जाएंगे? यह सवाल भारत-पाकिस्तान के तनावपूर्ण रिश्तों और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे विवादों को देखते हुए महत्वपूर्ण हो जाता है।

मोदी सरकार की नीति स्पष्ट

मोदी सरकार की नीति पाकिस्तान के प्रति बिल्कुल स्पष्ट है। विदेश मंत्री एस जयशंकर कई बार इस बात को दोहरा चुके हैं कि जब तक पाकिस्तान आतंकवादियों का समर्थन करता रहेगा तब तक दोनों देशों के बीच कोई बातचीत नहीं होगी।

पाकिस्तान ने भेजा संदेश

हालांकि, पाकिस्तान हमेशा भारत के साथ संबंध को बेहतर बनाने की पैरवी करता आया है। जब नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री की शपथ ली, तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके बड़े भाई नवाज शरीफ ने उन्हें बधाई दी थी। नवाज शरीफ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा था, “मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर मेरी हार्दिक बधाई। हाल के चुनावों में आपकी पार्टी की सफलता आपके नेतृत्व में लोगों के विश्वास को दर्शाती है। आइए हम नफरत की जगह उम्मीद लाएं और दक्षिण एशिया के दो अरब लोगों की नियति को आकार देने के अवसर का लाभ उठाएं।”

पीएम मोदी का जवाब

पीएम मोदी ने नवाज शरीफ को बधाई के लिए शुक्रिया अदा करते हुए कहा, “नवाज शरीफ आपके संदेश की सराहना करता हूं। भारत के लोग हमेशा शांति, सुरक्षा और प्रगतिशील विचारों के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने कहा,”हमारे लोगों की भलाई और सुरक्षा सदैव हमारी प्राथमिकता रहेगी।”

एससीओ में भारत का रुख

कजाखिस्तान की राजधानी अस्ताना में कुछ दिनों पहले आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शिखर बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भाषण पढ़ा। इसमें उन्होंने याद दिलाया कि आतंकवाद से लड़ाई एससीओ के मूल उद्देश्यों में से एक है।

एससीओ: एक प्रभावशाली संगठन

एससीओ के सदस्यों में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। यह एक प्रभावशाली आर्थिक और सुरक्षा संगठन है जो सबसे बड़े अंतर-क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठनों में से एक के रूप में उभरा है।

 

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