Punjab: सडक़ हादसों के पीडि़तों को अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति को सम्मान के तौर पर 2000 रुपए दिए जाएंगे

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-पंजाब सरकार फरिश्ते स्कीम शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार; 
-पंजाब के वित्त मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के चल रहे विकास प्रोजेक्टों की समीक्षा करने के लिए उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
-मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के पास राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए फंडों की कोई कमी नहीं: एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा
-डॉ. बलबीर सिंह द्वारा सम्बन्धित अधिकारियों को सभी चल रहे प्रोजेक्टों को जल्द पूरा करने के निर्देश
नए मेडिकल कॉलेज, क्रिटीकल केयर ब्लॉक और पब्लिक हैल्थ लैब्स समेत स्वास्थ्य प्रोजैक्ट जल्द ही शुरू किए जाएंगे
चंडीगढ़, 6 िदसम्बर:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के पास राज्य के लोगों के लिए विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित बनाने के लिए फंडों की कोई कमी न होने संबंधी पुष्टी करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के साथ यहाँ स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के चल रहे विकास प्रोजेक्टों की समीक्षा करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक की।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि उनको मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा स्वास्थ्य विभाग से सम्बन्धित सभी फाइलों का पहल के आधार पर निपटारा करने की सख़्त हिदायतें दी गई हैं क्योंकि पंजाब सरकार लोगों की सेहत के लिए फिक़्रमन्द है।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार फरिश्ते स्कीम शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिसके अंतर्गत हादसे के पहले 48 घंटों के अंदर सडक़ हादसों के शिकार व्यक्तियों का मुफ़्त इलाज किया जायेगा, चाहे वह किसी भी राज्य के निवासी हों। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सडक़ हादसों के शिकार व्यक्तियों को प्राईवेट अस्पतालों समेत पास के सरकारी अस्पतालों में मुफ़्त इलाज मुहैया करवाना सुनिश्चित बनाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सडक़ हादसों के पीडि़तों को इलाज के लिए अस्पताल लेकर जाने वाले व्यक्ति को 2000 रुपए से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही पीडि़त को अस्पताल लेकर आने वाले व्यक्ति से पुलिस या अस्पताल प्रशासन द्वारा कोई पूछताछ नहीं की जाएगी, जब तक वह ख़ुद चश्मदीद गवाह नहीं बनना चाहता।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से सम्बन्धित चल रहे विकास प्रोजेक्टों की समीक्षा भी की, जिसमें तीन सरकारी अस्पतालों-एमसीएच धूरी अस्पताल, सीएचसी कौहरियां और चीमा अस्पताल को अति-आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, एकीकृत पब्लिक हैल्थ लैब्स, क्रिटीकल केयर ब्लॉक समेत मेडिकल प्रोजेक्टों को अपग्रेड करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी जि़ला अस्पतालों, सब-डिवीजऩ अस्पतालों और कम्युनिटी हैल्थ सैंटरों में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी, जबकि 19 जि़ला अस्पतालों, छह सब-डिवीजऩ अस्पतालों और 15 कम्युनिटी हैल्थ सैंटरों (सीएचसी) समेत 40 अस्पतालों को 550 करोड़ रुपए की लागत से अति- आधुनिक सुविधाओं और उपकरणों के साथ अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे लोग सरकारी अस्पतालों में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार इलाज के लिए आने वाले लोगों की मदद और सही मार्गदर्शन के लिए सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में ‘मरीज़ सुविधा केंद्र’ स्थापित करने का नया संकल्प लेकर आ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा एक केंद्र राजिन्द्रा अस्पताल पटियाला में पायलट आधार पर स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुफ़्त दवाओं की सप्लाई को सुनिश्चित बनाया जा रहा है और किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इसके अलावा, सरकार लोगों को जीवन रक्षक दवाएँ और सर्जीकल उपकरण किफ़ायती दरों पर मुहैया करवाने के लिए सभी सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं पर जैनेरिक दवाओं की फार्मेसियों-अमृत और जन औषधि केंद्र-स्थापित करने की योजना बना रही है।
इस दौरान चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों को राज्य में स्थापित किए जा रहे सभी पाँच नए मेडिकल कॉलेजों के काम में तेज़ी लाने के लिए भी कहा। उन्होंने मोहाली स्थित पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलीरी साइंसज़ (पी.आई.एल.बी.एस.) में स्थापित की जा रही अति-आधुनिक डायग्नौस्टिक और मैनेजमेंट सुविधा का जायज़ा भी लिया।

 

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