पटियाला। पंजाब लोक सेवा आयोग (पीपीएससी) की ओर से आयोजित पंजाब पीसीएस मुख्य परीक्षा 2026 का परिणाम बुधवार, 4 नवंबर की देर रात घोषित होने के बाद चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। कई अभ्यर्थियों ने परिणाम में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसकी निष्पक्षता पर संदेह जताया है। उन्होंने परीक्षा केंद्रों और कमरों के आधार पर चयन के आंकड़ों में असमानता, लगातार क्रम वाले रोल नंबरों के चयन और अनुपस्थित परीक्षार्थियों के रोल नंबर परिणाम में शामिल होने का दावा किया है। अभ्यर्थियों ने पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।
एक ही कमरे से 45.8 प्रतिशत अभ्यर्थियों के चयन का दावा
अभ्यर्थियों ने परिणाम का विश्लेषण करते हुए कुछ परीक्षा केंद्रों के आंकड़े सामने रखे हैं। उनके मुताबिक, चार अलग-अलग परीक्षा केंद्रों के कुछ कमरों से 10 से अधिक उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट हुए हैं।
अभ्यर्थियों के दावे के अनुसार, सेंटर-7 के कमरा नंबर-8 में परीक्षा देने वाले 24 उम्मीदवारों में से 11 का चयन हुआ। यह कुल संख्या का करीब 45.8 प्रतिशत है। इसी तरह सेंटर-11 के कमरा नंबर-14 में 24 में से 10 यानी 41.7 प्रतिशत और सेंटर-4 के कमरा नंबर-19 में भी 24 में से 10 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट किए गए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि एक ही कमरे से इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का चयन होने के कारण इन आंकड़ों की जांच जरूरी है। उन्होंने विभिन्न केंद्रों के चयन प्रतिशत में अंतर को भी अपने संदेह का आधार बनाया है।
उनके अनुसार, सेंटर-8 में कुल शॉर्टलिस्टिंग दर 24.21 प्रतिशत रही, जबकि सेंटर-1 के कमरा नंबर-1 से 7 तक यह दर केवल 2.89 प्रतिशत थी। वहीं, इसी केंद्र के कमरा नंबर-8 से 18 तक चयन दर बढ़कर 13.77 प्रतिशत हो गई। अभ्यर्थियों ने इस अंतर का कारण स्पष्ट करने की मांग की है।
लगातार रोल नंबर और अनुपस्थित अभ्यर्थियों पर भी सवाल
चयनित उम्मीदवारों के लगातार क्रम वाले रोल नंबरों को लेकर भी अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि रोल नंबरों का आवंटन सीटिंग प्लान के अनुसार किया गया था, इसलिए लगातार क्रम वाले नंबरों का चयन जांच का विषय होना चाहिए।
इसके अलावा कुछ अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि परिणाम में ऐसे परीक्षार्थियों के रोल नंबर भी शामिल हैं, जो परीक्षा में अनुपस्थित थे। उन्होंने आयोग से इस संबंध में स्पष्टीकरण देने और उपस्थिति रिकॉर्ड तथा परिणाम का मिलान कराने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या आयोग की ओर से उनका जवाब सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
331 पदों के मुकाबले 751 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट
अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की संख्या पर भी सवाल उठाया है। उनका दावा है कि कुल 331 विज्ञापित पदों के मुकाबले केवल 751 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चुना गया है। अभ्यर्थियों के अनुसार, भर्ती नियमों में पदों की संख्या से तीन गुना उम्मीदवारों को बुलाने का प्रावधान है। उनका कहना है कि इस आधार पर चयनित उम्मीदवारों की संख्या को लेकर आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पंजाब के मुख्यमंत्री और सीबीआई को ज्ञापन भेजे हैं। उन्होंने चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी आंकड़ों और तथ्यों को सार्वजनिक करने तथा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायतों पर जल्द संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वे न्याय के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करेंगे। फिलहाल, लगाए गए आरोपों पर आयोग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
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