चंबा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र के चार वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध करने की घोषणा की है। इनमें हिमगिरी, थल्ली, जज्जाकोटि और मरूंड के स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में सड़कों के निर्माण के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने का भी ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं चुराह विधानसभा क्षेत्र के बंजाराड़ू कला मंच में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।
राजस्थान को बिजली बेचकर 400 करोड़ की आय का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने राजस्थान को 15.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेचने का समझौता किया है। इससे अगले चार महीनों में प्रदेश को करीब 400 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। 180 मेगावाट क्षमता वाली बैरा-सियूल जलविद्युत परियोजना के 44 वर्ष पूरे होने के बाद हिमाचल की मुफ्त बिजली हिस्सेदारी बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का मामला केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया गया है।
वाइल्डफ्लावर हॉल मामले से 401 करोड़ रुपये मिलने की बात
मुख्यमंत्री ने शिमला के वाइल्डफ्लावर हॉल मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मामला वर्ष 2003 से लंबित था। राज्य सरकार ने कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से प्रभावी ढंग से पैरवी की और अनुकूल परिणाम हासिल किया। इसके बाद प्रदेश को 401 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब इस संपत्ति की ई-नीलामी के माध्यम से सालाना करीब 37 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। उनके अनुसार, पिछले 23 वर्षों से राज्य को इस संपत्ति से कोई आय नहीं हो रही थी। अब इससे प्राप्त होने वाली राशि जनकल्याण के कार्यों पर खर्च की जाएगी।
किसानों और पशुपालकों के लिए समर्थन मूल्य
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किसानों और पशुपालकों को समर्थन मूल्य दे रही है। सरकार कच्ची हल्दी के लिए 150 रुपये प्रति किलो, गेहूं के लिए 80 रुपये प्रति किलो और मक्की के लिए 50 रुपये प्रति किलो का न्यूनतम समर्थन मूल्य दे रही है। वहीं, गाय के दूध के लिए 61 रुपये और भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी स्थायी और मौसमी जनजातीय बस्तियों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण और सुरक्षित पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की गई है। जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल, सीबीएसई संबद्ध स्कूल और उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, ग्रामीण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम दो से तीन सीबीएसई संबद्ध स्कूल खोले गए हैं। सरकार ने मेरिट के आधार पर 2,700 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की है और प्रदेश में 100 से अधिक नए सीबीएसई संबद्ध स्कूल खोलने की योजना है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा सुधारों के परिणामस्वरूप वर्ष 2025 में हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया, जबकि वर्ष 2021 में प्रदेश 21वें स्थान पर था।
अगले महीने शुरू होगी मुख्यमंत्री की नई योजना
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार अगले महीने ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ शुरू करेगी। इसके तहत पात्र गरीब परिवारों की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। लाभार्थियों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य बीमा कार्ड के माध्यम से मुफ्त चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करवाने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि चुराह विधानसभा क्षेत्र की करीब 15 हजार महिलाओं को इस योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार पर आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था किए बिना कई स्वास्थ्य और शिक्षण संस्थान खोलने का आरोप लगाया। इसके विपरीत वर्तमान सरकार द्वारा संस्थानों का युक्तिकरण करने और हजारों शिक्षण पद भरने की बात कही। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने और प्राकृतिक आपदा के बाद प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता अब तक नहीं मिलने का भी उल्लेख किया।
चुराह के विकास कार्यों की रखी मांग
इस अवसर पर कांग्रेस महासचिव और स्थानीय नेता यशवंत खन्ना ने कहा कि चुराह पहले पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल के क्षेत्रों में विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की विभिन्न विकास संबंधी जरूरतों से भी अवगत करवाया।
कार्यक्रम में राज्य हज समिति के अध्यक्ष दिलदार अली भट्ट, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भूपेंद्र ठाकुर और प्रकाश बताली ने भी अपने विचार रखे। विधायक नीरज नैयर, पूर्व मंत्री आशा कुमारी, पूर्व विधायक सुरेंद्र भारद्वाज, जिला परिषद अध्यक्ष रेखा ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।