चैतड़ू (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के चलते सरकारी भूमि से विस्थापित होने वाले परिवारों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन की उम्मीद बढ़ गई है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से उपायुक्त कांगड़ा को पत्र भेजकर प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े मामले पर प्राथमिकता के आधार पर विचार करने और एक माह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र की प्रतिलिपि गगल पंचायत को भी भेजी गई है।
एयरपोर्ट विस्तार की प्रक्रिया से प्रभावित होने वाले परिवारों के सामने विस्थापन के बाद दोबारा बसने और आजीविका से जुड़ी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। ऐसे में इन परिवारों की मांग है कि उन्हें भी उचित मुआवजा और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि परियोजना के कारण उन्हें आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
सरकारी जमीन पर बसे परिवारों ने उठाई पुनर्वास की मांग
गगल पंचायत के उपप्रधान रविंद्र ने बताया कि उन्होंने प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू को प्रार्थना पत्र सौंपा था। इसमें मांग की गई थी कि सरकारी जमीन पर बसे परिवारों को भी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 के तहत उचित मुआवजा और पुनर्वास सुविधाएं दी जाएं।
उनका कहना है कि एयरपोर्ट विस्तार के कारण जिन परिवारों को अपनी मौजूदा जगह छोड़नी पड़ सकती है, उनके हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। सरकारी भूमि पर रहने वाले परिवारों को भी विस्थापन के बाद सम्मानजनक जीवन जीने और दोबारा बसने का अवसर मिलना जरूरी है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री के समक्ष यह मामला उठाया गया था।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने डीसी को दिए निर्देश
प्रार्थना पत्र मिलने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने उपायुक्त कांगड़ा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। कार्यालय की ओर से भेजे गए पत्र में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 और इसकी अनुसूची-दो के प्रावधानों के तहत सरकारी जमीन पर बसे प्रभावित परिवारों को राहत, पुनर्वास और मुआवजा देने के मामले पर विचार करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस विषय को प्राथमिकता देने के साथ एक महीने के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। इससे मामले को प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ाने की उम्मीद जगी है। अब उपायुक्त कार्यालय की ओर से मामले की जांच और संबंधित प्रावधानों के आधार पर विचार किए जाने के बाद अगला कदम स्पष्ट हो सकेगा।
प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक पुनर्वास की उम्मीद
गगल पंचायत के उपप्रधान रविंद्र ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि सरकार प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखकर उचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट विस्तार जैसी महत्वपूर्ण परियोजना के कारण विस्थापन का सामना करने वाले परिवारों को भी सम्मानजनक तरीके से दोबारा बसने का अवसर मिलना चाहिए।
प्रभावित परिवारों की मांग है कि पुनर्वास की प्रक्रिया में उनकी परिस्थितियों और जरूरतों को ध्यान में रखा जाए। फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद उनकी उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि, मुआवजे और पुनर्वास को लेकर अंतिम निर्णय प्रशासनिक विचार और संबंधित कानूनी प्रावधानों के आधार पर ही होगा। अब सभी की निगाहें उपायुक्त कांगड़ा की कार्रवाई रिपोर्ट और सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।
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