शिमला। हिमाचल प्रदेश में मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अपनी राजनीतिक रणनीति तेज करने की तैयारी की है। पार्टी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को प्रदेश के गांवों और बूथों तक पहुंचाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय हो गई है। अभियान की निगरानी और संचालन के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने हरीश मीणा, राव दान सिंह और कमल कांत शर्मा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इन तीनों नेताओं को प्रदेश के 12 जिलों में अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कांग्रेस का उद्देश्य मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को आम लोगों के बीच उठाना और इसे व्यापक जनअभियान का रूप देना है। पार्टी की रणनीति के तहत गांवों में जनसंवाद कार्यक्रम और चौपाल बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के माध्यम से लोगों को मतदाता सूची में अपना नाम जांचने, नाम कटने की आशंका के प्रति सतर्क रहने और मतदान के अधिकार के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ता पर्चे बांटकर भी अभियान का संदेश लोगों तक पहुंचाएंगे।
तीन पर्यवेक्षकों को सौंपी गई जिलों की जिम्मेदारी
अभियान के प्रभावी संचालन के लिए कांग्रेस ने जिलों को तीन पर्यवेक्षकों के बीच बांटा है। हरीश मीणा को चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर और ऊना जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। कमल कांत शर्मा बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, सोलन और लाहुल-स्पीति में अभियान की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। वहीं, राव दान सिंह किन्नौर, शिमला ग्रामीण, शिमला शहरी और सिरमौर में अभियान को आगे बढ़ाएंगे।
तीनों पर्यवेक्षक इसी सप्ताह अपनी जिम्मेदारी संभालकर स्थानीय कांग्रेस नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। पार्टी का जोर अभियान को केवल जिला मुख्यालयों तक सीमित रखने के बजाय गांवों और मतदान केंद्रों तक पहुंचाने पर रहेगा।
25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेगा अभियान
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार यह अभियान 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलाया जाएगा। चार से 10 नवंबर के बीच बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) और स्थानीय कार्यकर्ताओं के माध्यम से मतदाता सूचियों का सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान मतदाताओं को अपने नाम और अन्य आवश्यक विवरणों की जांच करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इसके बाद 12 से 30 नवंबर तक गांवों में जनसंवाद बैठकें आयोजित करने की योजना है। जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस नेताओं और जिला अध्यक्षों की संयुक्त प्रेस वार्ताएं भी होंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनाने की कोशिश करेगी।
दिल्ली की रैली में भागीदारी बढ़ाने पर जोर
कांग्रेस पहली नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की राष्ट्रीय रैली को भी महत्वपूर्ण मान रही है। पार्टी इस आयोजन में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करेगी। इसके जरिए मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी है।
हिमाचल के छह नेता दूसरे राज्यों में संभालेंगे जिम्मेदारी
प्रदेश में अभियान के साथ-साथ हिमाचल कांग्रेस के छह नेताओं को अन्य राज्यों में भी पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें कुलदीप सिंह राठौर, केवल सिंह पठानिया, आरएस बाली, मलेंद्र राजन, मनमोहन कटोच और दीपक राठौर शामिल हैं। पार्टी इन नियुक्तियों के माध्यम से विभिन्न राज्यों में अभियान के संचालन और संगठनात्मक समन्वय को मजबूत करना चाहती है।
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