Himachal: चालान भुगतान से लेकर ई बसों तक हिमाचल सरकार ने परिवहन क्षेत्र में तेज किया डिजिटल और हरित बदलाव – The Hill News

Himachal: चालान भुगतान से लेकर ई बसों तक हिमाचल सरकार ने परिवहन क्षेत्र में तेज किया डिजिटल और हरित बदलाव

शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने परिवहन विभाग में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए ‘Challan2 Pay’ पहल की शुरुआत की। इसके तहत अब वाहन चालकों और अन्य लोगों को चालान की राशि जमा करने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। चालान जारी होने के स्थान पर ही सुरक्षित और डिजिटल माध्यम से तत्काल भुगतान किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे भुगतान प्रक्रिया आसान होने के साथ-साथ व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

नई व्यवस्था के तहत परिवहन विभाग के अधिकारियों को एक्सिस बैंक की ओर से उपलब्ध कराई गई पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनें दी जा रही हैं। इन मशीनों के जरिए चालान की राशि मौके पर ही डिजिटल तरीके से जमा की जा सकेगी। प्रत्येक लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और वसूली गई राशि सीधे राज्य के कोष में जमा की जाएगी।

राजस्व में गड़बड़ी की संभावना होगी कम

सरकार के मुताबिक, नई डिजिटल व्यवस्था से नकद लेनदेन में कमी आएगी और चालान राशि के संग्रह में होने वाली संभावित राजस्व हानि को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही भुगतान प्रक्रिया का रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से अधिकारियों के लिए भी लेनदेन की निगरानी करना आसान होगा।

मुख्यमंत्री ने इसके बाद हिमाचल सड़क परिवहन निगम (HRTC) के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में निगम को 1,500 नई इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन बसों की न्यूनतम रेंज 350 किलोमीटर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे हिमाचल के पहाड़ी और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकें।

एचआरटीसी को मिलेंगी 1,500 नई ई बसें

सुक्खू ने बताया कि एचआरटीसी को पहले ही 297 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। सरकार हाइड्रोजन से चलने वाली बसों को भी परिवहन व्यवस्था में शामिल करने पर विचार कर रही है। इसके अलावा 100 ग्रीन हाइड्रोजन बसें और 100 सुपर डीलक्स बसें खरीदने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग ढांचे के विकास में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने एचआरटीसी के अधिकारियों को 30 इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराने की बात भी कही। ऊना जिले और नालागढ़ स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय को पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

पांच साल में परिवहन विभाग का राजस्व लगभग दोगुना

परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग के राजस्व में लगातार वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2021-22 में विभाग का राजस्व 510 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 995 करोड़ रुपये पहुंच गया। उन्होंने विभाग में खाली पदों को भरने के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी हिमाचल प्रदेश की जीवनरेखा है और दूरदराज तथा दुर्गम क्षेत्रों में भी लोगों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराता है। उन्होंने इलेक्ट्रिक बसों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने कहा कि ई-बसों के संचालन से एचआरटीसी को आर्थिक बचत भी हो रही है। निगम को इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रति किलोमीटर 18.19 रुपये की बचत हो रही है।

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