नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, एसआईआर और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्षी दलों के सांसदों ने बुधवार को एक बार फिर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के नेतृत्व में इंडी गठबंधन के सांसद दोपहर में एक साथ जुटे और लंच के बाद जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद यहां अपनी बात देश के सामने रखने के लिए एकत्र हुए हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्ष के करीब 300 सांसद चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलकर अपनी चिंताएं सामने रखना चाहते थे। राहुल गांधी के अनुसार, अब जंतर-मंतर पर तय विरोध स्थल से देश को बताया जाएगा कि विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर किन सवालों को उठा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसदों की इच्छा थी कि वे तीनों चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करें, लेकिन उन्हें मिलने से इनकार कर दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने सांसदों को वहां जाने से रोका और प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। इसके बाद विपक्ष ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन का स्थान बनाया।
इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडी गठबंधन के नेताओं ने आकाशवाणी भवन के बाहर धरना दिया था। बताया गया कि प्रदर्शन कई घंटे तक चला। रात करीब आठ बजे पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिया। बाद में रात करीब 10 बजे के बाद दोनों नेताओं समेत अन्य कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया।
बुधवार को विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन को देखते हुए चुनाव आयोग के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई। केंद्रीय दिल्ली में आयोग की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर पुलिस की तैनाती की गई और आवाजाही को नियंत्रित किया गया। जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अस्वस्थ महसूस करने की बात कही और सड़क पर बैठ गईं। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। राजद सांसद मनोज कुमार झा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे बेहद कठोर बताया और इसके लिए केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग के शीर्ष पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को ले जा रही बस को कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद जंतर-मंतर पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि, कुछ समय बाद राहुल गांधी को पुलिस ने रिहा कर दिया।
कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में आठ अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया है। राहुल गांधी ने कहा कि इंडी गठबंधन के सांसद लोकतंत्र की रक्षा के लिए संसद और सड़कों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन को रोकने या बैठक की अनुमति नहीं देने से विपक्ष की आवाज और उसके सवाल खत्म नहीं होंगे।
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