हल्द्वानी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद हुए मंच शुद्धीकरण विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। हल्द्वानी सिटी कोतवाली पुलिस ने राहुल गांधी के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई वाल्मीकि समुदाय से जुड़े और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के सदस्य अमित कुमार की शिकायत पर की गई है। पुलिस ने मामले की विवेचना का जिम्मा डीएसपी अमित कुमार को सौंपा है।
पूरा विवाद आठ अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की एक बड़ी रैली से शुरू हुआ था। रैली खत्म होने के बाद 11 अगस्त को स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ता अमित कुमार ने मैदान में सफाई अभियान चलाया और वहां एक हवन का आयोजन किया। शिकायतकर्ता का दावा है कि रैली के बाद मैदान में भारी गंदगी और शराब की बोतलें बिखरी हुई थीं, जिसे साफ करना एक सामाजिक और धार्मिक जिम्मेदारी थी। हालांकि, इस सफाई और अनुष्ठान को लेकर राजनीति तब गर्मा गई जब राहुल गांधी ने इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत से जोड़ दिया।
शिकायतकर्ता अमित कुमार का आरोप है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान इस सफाई अभियान और हवन को गलत तरीके से पेश किया। राहुल गांधी ने इसे छुआछूत और दलितों के खिलाफ भेदभाव वाला कृत्य बताया था। अमित कुमार, जो स्वयं अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं, का कहना है कि उस धार्मिक अनुष्ठान में उनके समाज के कई लोग स्वेच्छा से शामिल थे। राहुल गांधी के बयान से उनकी और उनके पूरे समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायत में कहा गया है कि बिना सच्चाई जाने राहुल गांधी ने इस सफाई को “दलित विरोधी अपराध” करार दिया, जिससे समाज में उनके प्रति नफरत का माहौल बना है और उन्हें नीचा दिखाया जा रहा है।
हल्द्वानी पुलिस ने इस मामले में राहुल गांधी के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम की धारा 3(1) के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं जैसे 196, 299, 197(1)(c) और 353 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इन धाराओं में दो वर्गों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
इस कानूनी कार्रवाई के बाद उत्तराखंड में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि पुलिस ने उन लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जिन्होंने शुद्धीकरण जैसा पाखंड किया, बल्कि राहुल गांधी को निशाना बनाया जा रहा है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के बयानों को समाज को बांटने वाली राजनीति करार दिया है। भाजपा का कहना है कि एक साधारण सफाई और हवन को जातिगत रंग देकर राहुल गांधी ने लोगों को गुमराह करने और वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया है। फिलहाल, पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
Pls reaD:Uttarakhand: मल्लिकार्जुन खरगे के मंच शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस का देहरादून में बड़ा प्रदर्शन