देहरा (कांगड़ा)।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के देहरा में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश के विकास के आधार स्तंभ माने जाने वाले कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है, जबकि विपक्षी दल भाजपा केवल राजनीति कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 67 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगियों को उनके बकाया, अवकाश नकदीकरण और ग्रेच्युटी का पूर्ण भुगतान पहले ही किया जा चुका है।
कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए सुक्खू ने घोषणा की कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके वेतन बकाया के अतिरिक्त 20,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के पेंशनभोगियों के लिए मूल वेतन से जुड़ी शर्त को हटाने के निर्देश दिए। इस निर्णय के बाद पात्र पेंशनभोगियों को उनके लंबित बकाया का 35 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा, जिससे अब तक कुल 57 प्रतिशत बकाया राशि का निपटारा हो जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि उचित समय पर कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इन फैसलों का श्रेय अपनी सरकार के बेहतर वित्तीय प्रबंधन और अनुशासन को दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि’ योजना के तहत 800 मछुआरों को 3,500-3,500 रुपये के चेक वितरित किए। यह सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई है। उन्होंने बताया कि मछुआरों के कल्याण के लिए मछली पर रॉयल्टी को 15 प्रतिशत से घटाकर मात्र एक प्रतिशत कर दिया गया है। सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर रही है और प्रदेश के राजस्व को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने किशाऊ बांध परियोजना और जेएसडब्ल्यू मामले में सुप्रीम कोर्ट में मिली जीत का उल्लेख किया, जिससे राज्य को सालाना करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।
देहरा क्षेत्र के विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा को हिमाचल की ‘पर्यटन राजधानी’ घोषित किया गया है। बनखंडी में 619 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्राणी उद्यान विकसित किया जा रहा है, जिस पर अब तक 150 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। उन्होंने घोषणा की कि देहरा अस्पताल में एक वर्ष के भीतर अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, देहरा विधानसभा क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाओं पर काम चल रहा है। पोंग बांध विस्थापितों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने बताया कि सरकार ने 200 विस्थापित परिवारों को मकान बनाने के लिए भूमि उपलब्ध कराई है।
राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिप्पणी करते हुए सुक्खू ने देहरा के पूर्व निर्दलीय विधायक पर सरकार गिराने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कमलेश ठाकुर ने कभी चुनावी राजनीति में आने की योजना नहीं बनाई थी, लेकिन पार्टी के सर्वेक्षण और हाईकमान के निर्देश पर उन्होंने चुनाव लड़ा। विधायक कमलेश ठाकुर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और देहरा को पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि देहरा के बजट का 60 प्रतिशत हिस्सा सीधे ग्राम पंचायतों को दिया जा रहा है ताकि गांव की सड़कों और पेयजल योजनाओं का काम बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।
इस अवसर पर राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार धीमान, सचिव प्रियंका बसु इंगती, उपायुक्त हेमराज बैरवा और पुलिस अधीक्षक संदीप धवल सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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