देहरादून। राजधानी के ऐतिहासिक सहारनपुर चौक पर बुधवार को भगवान टपकेश्वर महादेव की भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक और गौरवशाली उत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर सबसे पहले भगवान शिव की पालकी के समक्ष माथा टेका और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न की। इस दौरान उन्होंने भगवान महादेव से उत्तराखंड की समस्त जनता की सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना की।
शोभायात्रा का शुभारंभ मुख्यमंत्री धामी ने टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत कृष्णा गिरी महाराज और महंत दिगम्बर भरत गिरी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में किया। इस पावन अवसर पर टपकेश्वर सेवा दल के अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर और शिव की स्तुति के साथ इस धार्मिक यात्रा को आगे बढ़ाया। उन्होंने संतों का आशीर्वाद लिया और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान यहां की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये परंपराएं न केवल हमारी अमूल्य धरोहर हैं, बल्कि समाज में अटूट आस्था, एकता और आपसी भाईचारे के भाव को भी मजबूत करती हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस प्रकार के बड़े धार्मिक आयोजनों का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि ये हमारी नई पीढ़ी को अपनी प्राचीन संस्कृति, संस्कारों और गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं।
पुष्कर सिंह धामी ने शोभायात्रा की भव्यता की सराहना करते हुए कामना की कि भगवान टपकेश्वर महादेव की असीम अनुकंपा पूरे राज्य पर बनी रहे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को हर क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाना है और इसमें आध्यात्मिक शक्ति का बड़ा योगदान है। उन्होंने कामना की कि उत्तराखंड निरंतर प्रगति एवं समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ता रहे और यहां का प्रत्येक नागरिक उन्नति प्राप्त करे। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति के सभी सदस्यों, सेवा दल के कार्यकर्ताओं और उपस्थित साधु-संतों को इस सफल और भव्य आयोजन के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस भव्य शोभायात्रा के दौरान सहारनपुर चौक से लेकर टपकेश्वर मंदिर तक का पूरा मार्ग ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा। हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस भक्तिमय वातावरण का हिस्सा बने और भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। रंग-बिरंगी झांकियों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज और शिव तांडव की प्रस्तुतियों ने इस उत्सव में चार चांद लगा दिए। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भगवान की पालकी का भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया और सुरक्षा व्यवस्था एवं जनसुविधाओं का जायजा लिया। इस आयोजन ने एक बार फिर देहरादून की सड़कों पर उत्तराखंड की जीवंत संस्कृति और धार्मिक आस्था का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया।