चंडीगढ़। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को धार देने के लिए कांग्रेस ने अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सितंबर के पहले सप्ताह में पंजाब के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरे की रूपरेखा तैयार करने के लिए दिल्ली में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने राहुल गांधी से मुलाकात की और राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम और रूट मैप को लेकर मंथन किया गया।
भूपेश बघेल ने बैठक के बाद जानकारी दी कि राहुल गांधी का पंजाब दौरा अब सितंबर के शुरुआती दिनों में होगा। पहले यह कार्यक्रम अगस्त के अंतिम सप्ताह के लिए तय किया गया था, लेकिन दिल्ली में विभिन्न राजनीतिक व्यस्तताओं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सक्रियता के चलते इसे एक सप्ताह आगे बढ़ा दिया गया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी अपने इस महत्वपूर्ण दौरे की शुरुआत अमृतसर स्थित आस्था के केंद्र श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेककर कर सकते हैं। इसके बाद पूरी तैयारी के साथ प्रदेश भर में एक विशाल ‘बस यात्रा’ निकाली जाएगी, जिसका उद्देश्य सीधे तौर पर जनता से जुड़ना और विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाना है।
कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद और फीडबैक
पार्टी ने इस यात्रा को लेकर जिला स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। दौरे के दौरान राहुल गांधी न केवल जनसभाओं को संबोधित करेंगे, बल्कि पार्टी के स्थानीय नेताओं, जमीनी कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इस संवाद के जरिए वे पंजाब के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम, जनता की समस्याओं और संगठन की स्थिति का फीडबैक लेंगे। राहुल गांधी का यह दौरा राज्य में कांग्रेस को एक नई ऊर्जा देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
राहुल गांधी के पंजाब दौरे के प्रमुख पड़ाव
| कार्यक्रम का विवरण | जानकारी |
| संभावित समय | सितंबर का प्रथम सप्ताह |
| दौरे की शुरुआत | श्री हरमंदिर साहिब, अमृतसर |
| मुख्य गतिविधि | प्रदेश व्यापी ‘बस यात्रा’ का आयोजन |
| रणनीतिक उद्देश्य | कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना और राजनीतिक फीडबैक लेना |
| समन्वय | पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल द्वारा निगरानी |
संगठनात्मक बदलाव और अंतर्कलह पर चर्चा
सोमवार को हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में केवल दौरे पर ही नहीं, बल्कि पंजाब कांग्रेस की चुनाव समिति के विस्तार को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। भूपेश बघेल ने संकेत दिया है कि जल्द ही समिति में नए चेहरों को जगह दी जा सकती है। गौरतलब है कि एक जुलाई को जब कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब चुनाव के लिए विभिन्न समितियों की घोषणा की थी, तब पार्टी के भीतर असंतोष के स्वर उभरे थे। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक गुट ने इन समितियों के गठन पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
इस अंतर्कलह को सुलझाने के लिए भूपेश बघेल ने पिछले दिनों पंजाब का दस दिवसीय दौरा किया था और अलग-अलग जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं की राय जानी थी। हालांकि, इस दौरान उन्हें कुछ स्थानों पर कड़े विरोध का सामना भी करना पड़ा था। राहुल गांधी के साथ बैठक में इन सभी विषयों को रखा गया।
राजा वड़िंग के नेतृत्व पर मुहर
पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं पर भी विराम लग गया है। भूपेश बघेल ने स्पष्ट कर दिया है कि आलाकमान के फैसलों में कोई बदलाव नहीं होने वाला है। पंजाब कांग्रेस की कमान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के पास ही सुरक्षित रहेगी और आगामी चुनाव उनके ही नेतृत्व में लड़े जाएंगे। राहुल गांधी का यह दौरा संगठन की मजबूती और अंतर्कलह को शांत कर पूरी पार्टी को एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को राहुल गांधी के आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार है ताकि बस यात्रा को सफल बनाया जा सके।