नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) आने वाले दिनों में भारतीय टीम के प्रशासनिक और तकनीकी ढांचे में बड़े बदलाव करने की योजना बना रहा है। इस पूरी कवायद के केंद्र में दिग्गज पूर्व बल्लेबाज और वर्तमान में बेंगलुरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण हैं। लक्ष्मण को लेकर पिछले कई दिनों से क्रिकेट गलियारों में अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता या टेस्ट कोच बन सकते हैं। हालांकि, ताजा रिपोर्टों के अनुसार, बीसीसीआई उन्हें इन दोनों पदों के बजाय एक अधिक प्रभावशाली और रणनीतिक पद ‘डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट’ सौंपने पर विचार कर रहा है।
यह पद भारतीय क्रिकेट के इतिहास में काफी महत्वपूर्ण रहा है। एक समय रवि शास्त्री भी इसी भूमिका में नजर आए थे, जिसके बाद वे टीम के मुख्य कोच बने थे। बीसीसीआई को लगता है कि लक्ष्मण के पास वह अनुभव और दूरदर्शिता है जो भारतीय क्रिकेट की वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का समाधान कर सकती है।
सितंबर में हो सकता है बड़ा फैसला
सितंबर का महीना भारतीय क्रिकेट के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। इसी महीने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। साथ ही, टेस्ट टीम के हालिया प्रदर्शन से बोर्ड पूरी तरह संतुष्ट नहीं है, जिसके कारण कोचिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली भी बीसीसीआई की निगरानी में है। ऐसे में लक्ष्मण को एक बड़ी और केंद्रीय भूमिका देकर बोर्ड पूरे सिस्टम को नया रूप देना चाहता है। बोर्ड के भीतर इस बात पर गंभीरता से मंथन चल रहा है कि टीम इंडिया के गिरते ग्राफ को संभालने के लिए लक्ष्मण सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं।
| वीवीएस लक्ष्मण का वर्तमान योगदान और भूमिका |
| • बेंगलुरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के मुखिया के रूप में कार्यरत। |
| • भारतीय टीम की अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने की मुख्य जिम्मेदारी। |
| • आवश्यकता पड़ने पर मुख्य टीम के कार्यवाहक कोच के रूप में सेवाएं देना। |
| • जिम्बाब्वे जैसे महत्वपूर्ण दौरों पर युवा टीम का सफल मार्गदर्शन करना। |
अजीत अगरकर को मिल सकता है कार्यकाल विस्तार
जहाँ एक तरफ लक्ष्मण के नए पद की चर्चा है, वहीं वर्तमान मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर भी नई जानकारी सामने आ रही है। कुछ समय पहले तक ऐसी खबरें थीं कि बीसीसीआई अगरकर का कार्यकाल नहीं बढ़ाएगा और उनके स्थान पर किसी नए व्यक्ति को मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। लेकिन अब समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड अगरकर के काम से खुश है और उनके कार्यकाल को जून 2027 तक के लिए विस्तार दिया जा सकता है। इससे चयन समिति में निरंतरता बनी रहेगी और टीम के चयन में स्थिरता आएगी।
लक्ष्मण की भूमिका में होगा इजाफा
यदि वीवीएस लक्ष्मण को डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट बनाया जाता है, तो उनके कार्यभार और जिम्मेदारी में भारी वृद्धि होना तय है। वे न केवल राष्ट्रीय टीम की रणनीति का हिस्सा होंगे, बल्कि घरेलू क्रिकेट और एनसीए (राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी) के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। लक्ष्मण की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे देश के युवा खिलाड़ियों और उनकी क्षमताओं को बहुत करीब से जानते हैं। बीसीसीआई का प्राथमिक लक्ष्य आगामी टेस्ट चैंपियनशिप चक्र और 2027 के वनडे विश्व कप के लिए एक अजय टीम तैयार करना है, और लक्ष्मण को इस मिशन का मुख्य सूत्रधार बनाया जा सकता है। फिलहाल सभी की नजरें सितंबर में होने वाली बीसीसीआई की उच्च स्तरीय बैठक पर टिकी हैं।