Himachal: बिलासपुर में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मछुआरों के लिए खोला सौगातों का पिटारा, सम्मान निधि जारी करने के साथ की कई बड़ी घोषणाएं

झंडूता (बिलासपुर)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर जिले के झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अपने प्रवास के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना’ के अंतर्गत बिलासपुर जिले के 1,500 मछुआरों के खातों में 3,500 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से कुल 52.50 लाख रुपये सीधे बैंक खातों (डीबीटी) में हस्तांतरित किए। इस अवसर पर उन्होंने मछुआरों के हितों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक घोषणाएं करते हुए मत्स्य सहकारी समितियों पर लगे पांच गुना जुर्माने को पूरी तरह माफ करने का एलान किया।

धरासणी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के संकल्प के साथ काम कर रही है, जिसका मूल अर्थ आम आदमी की आवाज सुनकर नीतियां बनाना है। उन्होंने स्वयं के साधारण परिवार से होने का जिक्र करते हुए कहा कि वे आम जनता की कठिनाइयों को गहराई से समझते हैं और इसीलिए मछुआरों के कठिन परिश्रम को सम्मान देने के लिए सरकार ने उनके हक में कई बड़े फैसले लिए हैं।

मछुआरों के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
• मछुआरा सोसायटियों पर लगा पांच गुना आर्थिक जुर्माना माफ।
• कोल्ड स्टोरेज यूनिट के लिए सब्सिडी 70% से बढ़ाकर 80% की गई।
• जलाशयों से पकड़ी गई मछली पर रॉयल्टी 15% से घटाकर मात्र 1% की गई।
• मछुआरों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट हेतु ₹50 लाख का प्रावधान।
• मछली उतारने की सुविधाओं (लैंडिंग फैसिलिटी) के लिए ₹10 लाख स्वीकृत।
• मछली परिवहन के लिए रेफ्रिजेरेटेड वाहनों की खरीद पर 70% सब्सिडी।

शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर जोर
मुख्यमंत्री ने केवल मछुआरों ही नहीं, बल्कि झंडूता क्षेत्र के विकास के लिए भी कई सौगातें दीं। उन्होंने क्षेत्र की 10 संपर्क सड़कों के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए प्रत्येक सड़क हेतु 10-10 लाख रुपये जारी करने की घोषणा की। साथ ही, युवाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजकीय डिग्री कॉलेज झंडूता में बीसीए (BCA) और बीबीए (BBA) की कक्षाएं शुरू करने का एलान किया। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश पिछली सरकार के समय शिक्षा की गुणवत्ता में 21वें स्थान पर खिसक गया था, जो वर्तमान सरकार के प्रयासों से अब 5वें स्थान पर आ गया है। राज्य में 150 नए सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं, जिससे नामांकन में 24,000 छात्रों की वृद्धि हुई है।

कर्मचारी कल्याण और भ्रष्टाचार पर प्रहार
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के रास्तों को बंद कर जो पैसा बचाया गया है, उसे मछुआरों के कल्याण और अनाथ बच्चों की उच्च शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को एक मानवीय निर्णय बताते हुए कहा कि इसे बिना किसी राजनीतिक स्वार्थ के कर्मचारियों के बुढ़ापे को सुरक्षित करने के लिए लागू किया गया है।

अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं और उपलब्धियां
• अनाथ और मेधावी छात्रों को 1% ब्याज दर पर शिक्षा ऋण।
• प्राकृतिक खेती के उत्पादों के एमएसपी (MSP) और दूध की कीमतों में ऐतिहासिक वृद्धि।
• आपदा प्रभावितों के लिए अपने संसाधनों से ₹8 लाख की सहायता।
• एम्स दिल्ली की तर्ज पर मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीक।

इस दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सत्ता संभालते ही पहला फैसला अनाथ बच्चों के हक में लिया था, जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने किशाऊ बांध परियोजना पर मुख्यमंत्री के कड़े रुख की सराहना करते हुए कहा कि इससे राज्य को भविष्य में 600 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होगा। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर, पूर्व विधायक बम्बर ठाकुर और स्थानीय प्रत्याशी विवेक कुमार ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी और भारी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

 

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