शिमला।
सामाजिक सरोकारों की दिशा में हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक अभिनव पहल की है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 16 अगस्त को हमीरपुर जिले के नादौन में चयनित अति गरीब परिवारों के साथ रूबरू होंगे। इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य उन परिवारों की वास्तविक आवश्यकताओं और उनकी समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाना है। सरकार का लक्ष्य इन सुझावों के आधार पर ‘मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना’ का प्रभावी खाका तैयार करना है।
राज्य सरकार ने एक विस्तृत प्रक्रिया के तहत प्रदेश भर में 1.78 लाख अति गरीब परिवारों की पहचान की है। मुख्यमंत्री का मानना है कि सरकारी योजनाएं थोपी नहीं जानी चाहिए, बल्कि वे लोगों की जरूरतों के अनुसार लचीली होनी चाहिए।
| मुख्यमंत्री सुखी परिवार योजना के लक्ष्य |
| • पहचान: आठ चरणों की पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से परिवारों का चयन। |
| • उद्देश्य: आर्थिक सहायता के साथ-साथ परिवारों को स्थायी आत्मनिर्भरता की ओर ले जाना। |
| • फीडबैक: विधायकों द्वारा ब्लॉक स्तर पर 10 से 12 अगस्त तक संवाद कर डेटा जुटाया गया। |
| • क्रियान्वयन: मुख्यमंत्री के नादौन संवाद के बाद योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। |
विधायकों ने ब्लॉक स्तर पर पहले ही मोर्चा संभाल लिया है और गरीब परिवारों से उनकी अपेक्षाओं की जानकारी ली जा रही है। सरकार का यह कदम केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि एक ऐसे तंत्र को विकसित करना है जो सबसे निचले स्तर के व्यक्ति को भी मुख्यधारा से जोड़ सके। अब सबकी नजरें 16 अगस्त के संवाद पर टिकी हैं, जो हिमाचल की कल्याणकारी नीतियों की नई दिशा तय करेगा।
Pls read:Himachal: हिमाचल में पेट्रोल और डीजल पर लगा नया सेस आम जनता पर बढ़ा महंगाई का भारी बोझ