नई दिल्ली। इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज कप्तान और ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे रॉकी फ्लिंटॉफ ने क्रिकेट के मैदान पर अपने पिता की विरासत को बखूबी आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। रॉकी ने इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट में एक बेहद आक्रामक शतकीय पारी खेलकर खेल जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उन्होंने न केवल अपने सीनियर करियर का पहला शतक जड़ा, बल्कि बल्लेबाजी के दौरान उसी आक्रामकता का परिचय दिया जिसके लिए उनके पिता दुनिया भर में मशहूर थे।
रॉकी फ्लिंटॉफ की इस धमाकेदार पारी ने लंकाशायर की टीम को समरसेट के खिलाफ एक विशाल जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। यह उनके उभरते करियर का एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, क्योंकि मेंस सीनियर स्तर पर यह उनका पहला सैकड़ा है।
समरसेट के गेंदबाजों की जमकर धुनाई
इंग्लैंड डोमेस्टिक वनडे कप 2026 के एक महत्वपूर्ण मुकाबले में लंकाशायर की ओर से खेलते हुए रॉकी फ्लिंटॉफ ने समरसेट के गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस कर दिया। उन्होंने क्रीज पर आते ही चौके-छक्कों की बरसात शुरू कर दी। रॉकी ने मात्र 76 गेंदों का सामना किया और 123 रनों की यादगार पारी खेली। उनकी इस पारी की सबसे खास बात उनका 161.84 का स्ट्राइक रेट रहा।
| रॉकी फ्लिंटॉफ की पारी के मुख्य आंकड़े |
| • कुल रन: 123 |
| • गेंदें खेलीं: 76 |
| • चौके: 10 |
| • छक्के: 07 |
| • स्ट्राइक रेट: 161.84 |
विशाल स्कोर और रिकॉर्ड साझेदारी
इस मैच में रॉकी फ्लिंटॉफ को अनुभवी खिलाड़ी केटन जेनिंग्स का भरपूर साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने समरसेट के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और दूसरे विकेट के लिए 214 रनों की विशाल साझेदारी की। जहां रॉकी ने 123 रन बनाए, वहीं जेनिंग्स ने 156 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 7 छक्के शामिल थे। इन दो बड़ी पारियों के दम पर लंकाशायर ने निर्धारित ओवरों में 443 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी समरसेट की टीम दबाव में बिखर गई और पूरी टीम 269 रनों पर सिमट गई। लंकाशायर ने यह मुकाबला 174 रनों के भारी अंतर से जीत लिया।
पिता का रिकॉर्ड पहले ही कर चुके हैं ध्वस्त
रॉकी फ्लिंटॉफ ने इससे पहले अंडर-19 क्रिकेट में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। साल 2024 में उन्होंने लंकाशायर के लिए वनडे कप में पदार्पण किया था। इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने इंग्लैंड अंडर-19 टीम के लिए शतक जड़कर इतिहास रच दिया था। वह इंग्लैंड अंडर-19 के लिए शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे। दिलचस्प बात यह है कि इस उपलब्धि के दौरान उन्होंने अपने ही पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ के रिकॉर्ड को तोड़ा था।
चोट के बाद शानदार वापसी
रॉकी के लिए पिछला कुछ समय चुनौतियों भरा रहा था। साल 2025 के अंत में वे चोटिल हो गए थे, जिसके कारण उन्हें अंडर-19 विश्व कप से बाहर होना पड़ा था। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत के बाद इसी साल मार्च में लंकाशायर की टीम में वापसी की। मौजूदा वनडे कप में उनका फॉर्म जबरदस्त रहा है। टूर्नामेंट की पिछली 6 पारियों में वे तीन बार नाबाद रहे हैं और अब एक शतक लगाकर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की गहराई साबित कर दी है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रॉकी इसी तरह प्रदर्शन करते रहे, तो जल्द ही वे इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खटखटाते नजर आएंगे।