Uttarakhand: जनता की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गंभीर अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

देहरादून, 11 अगस्त। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। राज्य के अलग-अलग जिलों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने अपनी निजी और सार्वजनिक शिकायतों से मुख्यमंत्री को रूबरू कराया। मुख्यमंत्री ने पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रत्येक व्यक्ति की बात सुनी और मौके पर उपस्थित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए कड़े निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद ही लोकतंत्र की असली ताकत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनसुनवाई के माध्यम से आमजन की आवाज सीधे सरकार तक पहुंचती है, जिससे शासन के विभिन्न स्तरों पर अटकी फाइलों और मामलों को गति मिलती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनभावनाओं का सम्मान करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना ही उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जनसुनवाई के दौरान आए प्रमुख मामले
• बुनियादी ढांचा: सड़क निर्माण, संपर्क मार्ग, पेयजल आपूर्ति और विद्युत संबंधी शिकायतें।
• सामाजिक सेवाएं: शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और स्थानीय विकास के प्रस्ताव।
• प्रशासनिक कार्य: राजस्व मामले, स्थानांतरण, सिंचाई और रोजगार से जुड़ी मांगें।

अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जिन जनसमस्याओं का समाधान विभागीय स्तर पर संभव है, उनमें कतई देरी न की जाए। उन्होंने कहा कि अक्सर छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी लोगों को देहरादून तक आना पड़ता है, जिसे स्थानीय स्तर पर ही सुलझाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पात्रता और नियमों के अनुरूप प्रत्येक आवेदन पर त्वरित कार्यवाही की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में शासन स्तर पर निर्णय की आवश्यकता है, उन्हें आवश्यक औपचारिकताओं के साथ तत्काल प्रस्तुत किया जाए।

सुशासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार की नीतियों और योजनाओं की सफलता तभी है जब उनका लाभ समाज के सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि जनहित के मामलों में केवल नियमों की दुहाई देने के बजाय समाधान केंद्रित रुख अपनाया जाना चाहिए। सरकार प्रदेश के समग्र विकास और जनअपेक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की कि वे नियमित रूप से अपने क्षेत्रों में जनसुनवाई करें ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उनके पास आई हर शिकायत पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को प्रेषित करने की प्रक्रिया शुरू की। मुख्यमंत्री का यह सीधा संवाद जनता के बीच सरकार के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है।

 

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