चंडीगढ़। शहीद ऊधम सिंह की जयंती के पावन अवसर पर आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की मातृशक्ति को एक बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पंजाब सरकार उन महान बलिदानियों के सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है, जिन्होंने एक खुशहाल और समृद्ध पंजाब की कल्पना की थी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का खात्मा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, उत्कृष्ट शिक्षा और युवाओं को रोजगार प्रदान करना ही हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। भगवंत मान ने विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार ने जनता से जो भी वादे किए थे, उन्हें साढ़े चार साल के भीतर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
40 लाख महिलाओं के बैंक खातों में एक साथ पहुंचेगी राशि
पंजाब सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी पहलों में से एक ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता की अगली किस्त जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जुलाई माह के दौरान ही लगभग 31 लाख महिलाओं के खातों में सफलतापूर्वक राशि डाली जा चुकी थी। अब 1 अगस्त से प्रदेश की अन्य 40 लाख पात्र महिलाओं के बैंक खातों में भी पैसा पहुंचना शुरू हो जाएगा। खास बात यह है कि इस बार मुख्यमंत्री ने तीन महीने की बकाया राशि को एक साथ हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है, जिससे महिलाओं को अपने घरेलू खर्चों और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी।
क्या है मावां धीयां योजना और कितनी मिलेगी सहायता
‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ पंजाब सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक अनूठी पहल है। इस योजना के तहत वित्तीय सहायता को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से संबंधित पात्र महिला लाभार्थियों को हर महीने 1,500 रुपये की सहायता दी जाती है। चूंकि आज तीन महीने की राशि एक साथ भेजी जा रही है, इसलिए इन महिलाओं के खातों में कुल 4,500 रुपये जमा होंगे। वहीं, सामान्य और अन्य वर्गों की महिलाओं के लिए 1,000 रुपये प्रति माह का प्रावधान है, जिन्हें आज एकमुश्त 3,000 रुपये प्राप्त होंगे।
योजना के लिए पात्रता की शर्तें और आवश्यक मापदंड
राज्य सरकार ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए स्पष्ट पात्रता नियम निर्धारित किए हैं। इस योजना के लिए पंजाब की हर वह महिला पात्र है जिसकी आयु 18 वर्ष से अधिक है। आवेदक का पंजाब का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने शर्त रखी है कि लाभार्थी महिला का आधार कार्ड उसके बैंक खाते से अनिवार्य रूप से लिंक होना चाहिए। इससे सहायता राशि बिना किसी बिचौलिये के सीधे ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुँच रही है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के इच्छुक महिलाओं के पास कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों का होना आवश्यक है। इनमें आधार कार्ड, पंजाब का वैध वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक खाते का विवरण शामिल है। अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को अपना जाति प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। इच्छुक महिलाएं अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या सरकारी सेवा केंद्र पर जाकर आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकती हैं। फॉर्म को सही ढंग से भरकर और दस्तावेजों को संलग्न कर वहीं जमा करना होता है। अधिकारियों द्वारा सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र महिलाओं का नाम योजना की सूची में जोड़ दिया जाता है।
सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ता पंजाब
भगवंत मान ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के सम्मान और उनकी आर्थिक सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ न केवल महिलाओं के हाथ में पैसा पहुँचा रही है, बल्कि उन्हें परिवार के भीतर निर्णय लेने की शक्ति भी प्रदान कर रही है। सरकार का मानना है कि जब घर की महिलाएं आर्थिक रूप से सुदृढ़ होंगी, तभी समाज और प्रदेश का वास्तविक विकास संभव हो पाएगा। आने वाले समय में इस योजना के दायरे को और अधिक बढ़ाने के संकेत भी दिए गए हैं ताकि कोई भी जरूरतमंद महिला इस लाभ से वंचित न रहे।