Uttarakhand: जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए कड़े निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न कोनों से आए नागरिकों की समस्याओं को विस्तार से सुना। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जन शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रभावित व्यक्ति को धरातल पर समयबद्ध राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ताकि आम जनता को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।


जन समस्याओं के समाधान में कोताही न बरतने की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई के दौरान आए प्रत्येक मामले का परीक्षण किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों सहित गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकरण कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शासन-प्रशासन की जवाबदेही तय करते हुए कहा कि जनता की संतुष्टि ही सरकार के कामकाज का असली पैमाना है।


चारधाम और केदारनाथ यात्रा के सफल प्रबंधन की सराहना
इस अवसर पर केदारनाथ की विधायक आशा नौटियाल ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से भेंट की। उन्होंने इस वर्ष की केदारनाथ यात्रा और समग्र चारधाम यात्रा के अब तक के कुशल एवं सुरक्षित संचालन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। आशा नौटियाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी और बेहतर प्रबंधन के कारण ही देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुगम सुविधाएं मिल पा रही हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए किए गए विशेष इंतजामों और सुरक्षा प्रबंधों की भी प्रशंसा की।


बुग्यालों के संरक्षण और स्थानीय आजीविका पर संवाद
विधायक भूपाल राम टम्टा ने भी एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात की और प्रदेश के बुग्याल (उच्च हिमालयी घास के मैदान) क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय हितों की रक्षा के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बुग्याल उत्तराखंड की अनमोल प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिनसे हजारों स्थानीय लोगों की आजीविका और पर्यटन गतिविधियां जुड़ी हुई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस विजन की सराहना की जिसमें पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार के बीच एक आदर्श संतुलन स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।


संतुलित विकास और सुशासन का संकल्प
पुष्कर सिंह धामी ने जनप्रतिनिधियों और जनता को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऐसी नीतियां बनाई जा रही हैं जिनसे पर्यटन को बढ़ावा मिले और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनसेवा की भावना के साथ कार्य करें। इस महत्वपूर्ण बैठक में सचिव विनय शंकर पांडेय, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप और अपर सचिव जे.सी. कांडपाल सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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