Uttarakhand: गदरपुर में विकास की नई इबारत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया 28 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण

गदरपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात दी है। शुक्रवार को गदरपुर बस स्टेशन पर आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कुल 2,830.07 लाख रुपये की आठ विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने फीता काटकर नवनिर्मित आधुनिक बस स्टेशन का उद्घाटन किया और जनता को समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना है।


नवनिर्मित परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने गदरपुर क्षेत्र में पूर्ण हो चुकी 694.06 लाख रुपये की योजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें 349.17 लाख रुपये की लागत से बना आधुनिक गदरपुर बस अड्डा प्रमुख है, जहाँ यात्रियों के लिए किचन और आरामदायक प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इसके अलावा 275.70 लाख रुपये से निर्मित विकास खंड कार्यालय का नया भवन और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 69.19 लाख रुपये की लागत वाला हरिचंद्र-गुरुचंद्र बंग विशाल सामुदायिक भवन भी जनता को सौंप दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भवनों के बनने से प्रशासनिक कार्यों में सुगमता आएगी और स्थानीय लोगों को एक ही स्थान पर सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।


भविष्य की विकास योजनाएं और शिलान्यास
क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने 2,136.01 लाख रुपये की नई योजनाओं का शिलान्यास किया। इसमें सबसे बड़ी परियोजना 1,839.70 लाख रुपये की लागत से बाबा डल मंदिर से बौर जलाशय होते हुए गुलरभोज तक कंक्रीट सड़क का निर्माण है। इसके अतिरिक्त रामजीवनपुर, मझरशिला, जयनगर, गुरुनानकपुर और लक्ष्मण सिंह गट्टी जैसे इलाकों में इंटरलॉकिंग टाइल वाली सड़कों के निर्माण कार्य को भी हरी झंडी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुलरभोज आने वाले समय में एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।


कार्य संस्कृति और सरकार का विजन
पुष्कर सिंह धामी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में एक नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले योजनाओं का शिलान्यास कर उन्हें भुला दिया जाता था, लेकिन उनकी सरकार समयबद्ध तरीके से लोकार्पण में विश्वास रखती है। उन्होंने ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प को दोहराया और कहा कि सरकार तुष्टीकरण की जगह ‘संतुष्टीकरण’ के मार्ग पर चल रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, विकास का अर्थ केवल ईंट-पत्थर की इमारतें नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।


स्थानीय मांगों पर आश्वासन और कड़े निर्णय
विधायक अरविंद पांडे के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने चीनी मिल कर्मियों को सातवां वेतनमान दिलाने के लिए जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया। साथ ही गुलरभोज में जिप्सी परमिट व्यवस्था और स्थानीय महाविद्यालय में दो नए पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में लागू नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए गए कड़े कदमों का भी जिक्र किया। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य केवल मतदाता सूची को शुद्ध करना है, इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है।

 

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