Uttarakhand: शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत मामले में सीबीसीआईडी जांच के आदेश विधायक की मांग पर मुख्यमंत्री ने लिया कड़ा संज्ञान

श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के टिहरी जिले के अंतर्गत आने वाले कीर्तिनगर विकासखंड में एक सरकारी शिक्षिका की रहस्यमयी मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। ग्राम रिंगोली की निवासी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के बाद अब इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद कंडारी ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का अनुरोध किया। विधायक की मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने मामले की जांच सीबीसीआईडी (CB-CID) को सौंपने का निर्णय लिया है।


संदिग्ध मौत और विधायक कंडारी का मुख्यमंत्री को पत्र
यह दुखद घटना 29 जुलाई 2026 की है, जब सरकारी सेवा में कार्यरत शिक्षिका सृष्टि कंडारी की अचानक मृत्यु हो गई। मौत की परिस्थितियां संदिग्ध होने के कारण स्थानीय लोगों और परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। जनता की भावनाओं और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विधायक विनोद कंडारी ने 31 जुलाई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि ग्राम रिंगोली की इस होनहार बेटी की मौत के पीछे के कारणों का स्पष्ट होना अत्यंत आवश्यक है। विधायक ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की ऐसी जांच कराई जाए जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके और यदि कोई अपराधी इसमें शामिल है, तो उसे बख्शा न जाए।


मुख्यमंत्री का कड़ा रुख और विशेषज्ञ एजेंसी को जांच का जिम्मा
विधायक विनोद कंडारी ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि पत्र भेजने के उपरांत उनकी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दूरभाष पर विस्तृत चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री ने प्रकरण के सभी पहलुओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और न्याय के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिक्षिका सृष्टि कंडारी की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सीबीसीआईडी की विशेष टीम जांच करेगी। सीबीसीआईडी को जांच सौंपे जाने का अर्थ है कि अब प्रदेश की सबसे विश्वसनीय जांच एजेंसियों में से एक इस गुत्थी को सुलझाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मृतका के परिवार को समय पर न्याय मिले और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जा सके।


एक प्रतिभाशाली शिक्षिका के रूप में सृष्टि का योगदान
सृष्टि कंडारी केवल एक सरकारी कर्मचारी ही नहीं थीं, बल्कि वे अपने पेशे के प्रति असाधारण रूप से समर्पित थीं। विधायक विनोद कंडारी ने उनके व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि वे एक अत्यंत मेधावी और सक्रिय शिक्षिका थीं। विधायक ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि उनके द्वारा क्षेत्र के छात्रों के लिए आयोजित किए जाने वाले ‘भारत दर्शन शैक्षणिक भ्रमण’ जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सृष्टि की भूमिका हमेशा मार्गदर्शक और सहयोगी की रही थी। उन्होंने अपनी कार्यकुशलता से न केवल छात्रों बल्कि अपने सहकर्मियों के बीच भी एक विशेष स्थान बनाया था। विधायक के अनुसार, सृष्टि कंडारी जैसी शिक्षिका का इस तरह संदिग्ध रूप से चले जाना शिक्षा जगत और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।


न्याय की उम्मीद और भविष्य की जांच प्रक्रिया
सीबीसीआईडी को जांच सौंपे जाने के बाद अब जल्द ही टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करने और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने की उम्मीद है। विधायक कंडारी ने विश्वास व्यक्त किया है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद अब जांच की प्रक्रिया तेज होगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस मामले की तब तक पैरवी करेंगे जब तक कि सच्चाई पूरी तरह सामने नहीं आ जाती। स्थानीय निवासियों ने भी सरकार के इस कदम की सराहना की है और आशा व्यक्त की है कि विशेषज्ञ एजेंसी की जांच में वह सभी तथ्य बाहर आएंगे जो अब तक छिपे हुए हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस मामले को लेकर आक्रोश और शोक का माहौल बना हुआ है।

 

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