नई टिहरी। टिहरी जिले के प्रतापनगर क्षेत्र में बहुचर्चित केतन लाल हत्याकांड से जुड़े नाबालिग दुष्कर्म मामले में पुलिस ने आखिरकार मुख्य आरोपित को सलाखों के पीछे भेज दिया है। लंबगांव थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित दिवाकर डिमरी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब पीड़िता की मां और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय में बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करने का अल्टीमेटम दिया था। पुलिस और प्रशासन पर आरोपित को जल्द पकड़ने का भारी दबाव बना हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया।
पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ था मामला **
इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत 11 जुलाई को हुई थी, जब न्यायालय के कड़े आदेश के बाद लंबगांव थाने में पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपित दिवाकर डिमरी पर एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के गंभीर आरोप लगे थे। हालांकि, मामला दर्ज होने और पीड़िता के न्यायालय में धारा-164 के तहत बयान दर्ज होने के बावजूद पुलिस आरोपित की गिरफ्तारी नहीं कर रही थी। इससे स्थानीय निवासियों में गहरा रोष था और वे पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठा रहे थे।
ग्रामीणों का आक्रोश और पुलिस पर आरोप **
पीड़िता की मां और क्षेत्र के ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन केवल जांच का हवाला देकर मामले को टाल रहा है। उनका तर्क था कि पोक्सो एक्ट जैसे संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन पुलिस की ढिलाई के कारण मुख्य आरोपित खुला घूम रहा था। परिजनों का कहना था कि आरोपित की गिरफ्तारी न होने से नाबालिग पीड़िता अत्यंत मानसिक तनाव और असुरक्षा के साये में जीने को मजबूर थी।
जिलाधिकारी को ज्ञापन और आंदोलन का अल्टीमेटम **
आरोपित की गिरफ्तारी में हो रही देरी से परेशान होकर पीड़िता की मां और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सोमवार को जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल के कार्यालय का घेराव किया था। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 24 घंटे के भीतर दिवाकर डिमरी को गिरफ्तार करने की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे बुधवार से जिला मुख्यालय में अनिश्चितकालीन धरना, प्रदर्शन और आमरण अनशन शुरू कर देंगे। इसके साथ ही उन्होंने निष्पक्ष जांच के लिए विवेचना अधिकारी को हटाने की भी मांग उठाई थी।
पुलिस की दबिश और आरोपित की गिरफ्तारी **
आंदोलन की चेतावनी और संभावित हंगामे को देखते हुए पुलिस विभाग सक्रिय हुआ और आरोपित की तलाश में छापेमारी शुरू की। पुलिस टीम ने जाल बिछाकर दिवाकर डिमरी (निवासी ग्राम देवल) को उसके ठिकाने से धर दबोचा। एसएसपी श्वेता चौबे ने आरोपित की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि उसे नियमानुसार न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की गहनता से जांच अब भी जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
शांति की अपील और अग्रिम जांच **
आरोपित की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में उपजा तनाव कुछ कम हुआ है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। विवेचना टीम अब इस मामले में अन्य साक्ष्यों को संकलित करने में जुटी है ताकि न्यायालय में आरोपित के खिलाफ मजबूत पैरवी की जा सके। पीड़िता के परिवार ने आरोपित की गिरफ्तारी पर संतोष व्यक्त किया है, लेकिन उन्होंने भविष्य में भी मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जारी रखने की उम्मीद जताई है ताकि पीड़िता को पूर्ण न्याय मिल सके। फिलहाल पुलिस की टीमें क्षेत्र में स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।\