Punjab: स्वतंत्रता दिवस पर हमले की बड़ी साजिश नाकाम अमृतसर पुलिस ने खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के चार आतंकियों को दबोचा

अमृतसर। पंजाब में स्वतंत्रता दिवस समारोह से ठीक पहले अमृतसर देहात पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया है। शुक्रवार सुबह अजनाला इलाके में की गई एक विशेष छापेमारी के दौरान प्रतिबंधित संगठन ‘खालिस्तान लिबरेशन फोर्स’ (केएलएफ) के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, ये चारों आरोपित राज्य में अशांति फैलाने और पुलिस इमारतों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।


अमृतसर में आतंकी साजिश का भंडाफोड़
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया था। इसी दौरान अमृतसर देहात पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक अजनाला क्षेत्र में छिपे हुए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और चारों आरोपितों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपितों के पास से कुछ आपत्तिजनक सामग्री और हथियार भी बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये चारों आरोपित पहले भी कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और पुलिस संस्थानों पर हमला करना इनका मुख्य लक्ष्य था।


गिरफ्तार आरोपितों की पहचान और संगठन का कनेक्शन
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान करणबीर सिंह, मनदीप सिंह, सुखदीप सिंह और प्रदीप सिंह के रूप में हुई है। ये सभी आरोपित अमृतसर के ही रमदास इलाके के निवासी हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये चारों खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के गुर्गे हैं और विदेशों में बैठे अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे। आरोपितों से पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले राज खुले हैं, जिससे पता चलता है कि वे लंबे समय से किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।


आइएसआइ के इशारे पर पुलिस चौकी को बनाया निशाना
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ये चारों आरोपित पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के सीधे संपर्क में थे। आईएसआई के इशारे पर ही उन्होंने हाल ही में सीमावर्ती थाना अजनाला के अधीन आने वाली पुलिस चौकी ‘चमियारी’ पर हमला किया था। बताया जा रहा है कि 23 जुलाई की आधी रात को इन आरोपितों ने दहशत फैलाने के उद्देश्य से पुलिस चौकी पर बोतल बम फेंका था। हालांकि, इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ था। पुलिस ने इस मामले की गहनता से जांच की जिसके बाद इन तक पहुंचने में मदद मिली।


एएसआइ की हत्या और आर्मी क्षेत्र में धमाकों से जुड़ाव
गिरफ्तार आरोपितों का आपराधिक इतिहास काफी पुराना रहा है। पुलिस अब इस पहलू पर भी गंभीरता से जांच कर रही है कि क्या पिछले दिनों हुई एएसआई जोगा सिंह की हत्या और आर्मी क्षेत्र ‘खासा’ के बाहर हुए धमाकों में भी इसी गिरोह का हाथ था। शक की सुई इन आरोपितों पर ही घूम रही है क्योंकि उनके द्वारा अपनाए गए तरीके इन वारदातों से मेल खाते हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इन पुरानी वारदातों की गुत्थी भी सुलझ जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह सीमावर्ती जिलों में लगातार सक्रिय था।


कानूनी प्रक्रिया और आगामी जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस इन आरोपितों से गुप्त स्थान पर पूछताछ कर रही है। शुक्रवार दोपहर बाद चारों आरोपितों को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी रिमांड हासिल करने की कोशिश करेगी। रिमांड के दौरान पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि उनके नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और उन्हें हथियारों व विस्फोटक की सप्लाई कहां से हो रही थी। डीआईजी (अमृतसर रेंज) द्वारा इस पूरे मामले पर एक औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की भी संभावना है। फिलहाल, पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ा दी गई है।

 

Pls read:Punjab: पंजाब के सरकारी स्कूलों में 2000 पीटीआई पदों पर भर्ती का रास्ता साफ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *