Himachal: हिमाचल प्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव 2026 की विस्तृत रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी गई – The Hill News

Himachal: हिमाचल प्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव 2026 की विस्तृत रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी गई

शिमला। राजभवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची से ‘हिमाचल प्रदेश स्थानीय निकाय सामान्य चुनाव-2026’ की आधिकारिक रिपोर्ट प्राप्त की। यह रिपोर्ट मई 2026 में प्रदेश भर में आयोजित पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों की योजना, तैयारी और सफल संचालन का एक व्यापक लेखा-जोखा पेश करती है। राज्यपाल ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की कार्यकुशलता की जमकर सराहना की।


प्रशासनिक पारदर्शी व्यवस्था और रिपोर्ट का महत्व
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने इस विस्तृत रिपोर्ट के प्रकाशन को एक सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि यह नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं, प्रशासकों और आम नागरिकों के लिए एक संदर्भ दस्तावेज के रूप में कार्य करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि मजबूत और जवाबदेह संस्थाएं ही एक जीवंत लोकतंत्र की असली पहचान होती हैं। राज्यपाल के अनुसार, इन चुनावों का सफल समापन हिमाचल प्रदेश की जनता, राजनीतिक दलों और चुनाव अधिकारियों की लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट निष्ठा को दर्शाता है। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वे ईमानदारी और समर्पण के साथ जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।


स्थानीय निकायों की संख्या में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, हालिया परिसीमन प्रक्रिया के बाद हिमाचल प्रदेश में स्थानीय शासन के ढांचे में बड़ा विस्तार हुआ है। ग्राम पंचायतों की संख्या, जो वर्ष 2021 में 3,615 थी, वह अब 2026 में बढ़कर 3,758 हो गई है। इसी तरह पंचायत समितियों की संख्या भी 81 से बढ़कर 92 तक पहुँच गई है। शहरी क्षेत्रों में भी शासन के विकेंद्रीकरण पर जोर दिया गया है; जिसके परिणामस्वरूप नगर पंचायतों की संख्या 27 से बढ़कर 39 और नगर निगमों की संख्या 5 से बढ़कर 8 हो गई है। यह विस्तार प्रदेश में बुनियादी विकास की गति को तेज करने में सहायक सिद्ध होगा।


कानूनी चुनौतियां और न्यायिक प्रक्रिया का विवरण
निर्वाचन आयोग की इस रिपोर्ट में उन सभी प्रशासनिक उपायों और लॉजिस्टिक्स व्यवस्थाओं का भी दस्तावेजीकरण किया गया है, जो चुनाव प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए अपनाए गए थे। इसमें राज्य सरकार और जिला प्रशासन के साथ समन्वय, मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण और परिसीमन जैसे जटिल कार्यों का विवरण शामिल है। रिपोर्ट में विशेष रूप से उन कानूनी मुद्दों और न्यायिक कार्यवाहियों का भी उल्लेख किया गया है, जो हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित थीं। इन कानूनी बाधाओं को पार करते हुए चुनाव संपन्न कराना आयोग की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में दर्ज किया गया है।


मतदान प्रतिशत और जनभागीदारी के रिकॉर्ड आंकड़े
हिमाचल प्रदेश के मतदाताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी के माध्यम से एक नया उदाहरण पेश किया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या अब 54.55 लाख तक पहुँच गई है। मतदान के उत्साह की बात करें तो पंचायत चुनावों में लगभग 80 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक जागरूकता का प्रमाण है। वहीं, शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों में 70.14 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। राज्यपाल ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का घरों से बाहर निकलना लोकतंत्र की जड़ों को और अधिक मजबूत बनाता है।

 

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