सोलन। हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को जिला सोलन के क्यारीघाट में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में शामिल की गई नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उनके साथ उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल भी मौजूद रहे। यह पहल प्रदेश को ‘ग्रीन स्टेट’ बनाने के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक प्रभावी कदम मानी जा रही है।
परिवहन विभाग के बेड़े में आधुनिक विस्तार
हिमाचल पथ परिवहन निगम को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार ने एक साथ 297 नई इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल किया है। ये सभी बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और पहाड़ी रास्तों की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि इन बसों का परिचालन प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण रूटों पर किया जाएगा, जिससे न केवल पर्यटन क्षेत्रों में आवाजाही सुगम होगी, बल्कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले स्थानीय लोगों को भी एक आधुनिक सफर का अनुभव मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में सार्वजनिक परिवहन के बड़े हिस्से को इलेक्ट्रिक ऊर्जा पर स्थानांतरित किया जाए।
आम जनता को रूटों की कमी से मिलेगी राहत
नई बसों के आगमन से एचआरटीसी की कार्यक्षमता में जबरदस्त सुधार होने की उम्मीद है। विभाग ने जानकारी दी है कि इन 297 ई-बसों के आने से उन क्षेत्रों में बसों की कमी दूर होगी, जहां यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था या जहां पर्याप्त सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं। निगम द्वारा बनाई गई नई व्यवस्था के अनुसार, एक इलेक्ट्रिक बस को दिन भर में उसकी चार्जिंग क्षमता और आवश्यकता के आधार पर दो से तीन अलग-अलग रूटों पर चलाया जा सकेगा। इससे कम संसाधनों में अधिक क्षेत्रों को कवर करना संभव होगा और जनता की परिवहन संबंधी शिकायतें भी कम होंगी।
पर्यावरण संरक्षण और तेल की बचत पर जोर
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण की महत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता को बचाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से वायु और ध्वनि प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके अलावा, डीजल पर निर्भरता कम होने से राज्य के राजस्व की भी बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में गिरावट दर्ज की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार ऐसे परिवहन तंत्र को विकसित कर रही है जो न केवल यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान करे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ वातावरण भी सुनिश्चित करे।
आधुनिक और हरित परिवहन का नया विजन
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, जिनके पास परिवहन विभाग की जिम्मेदारी भी है, ने इसे हिमाचल के इतिहास का एक गौरवशाली दिन बताया। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी के बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है ताकि हिमाचल देश में ‘हरित परिवहन’ के मॉडल के रूप में उभरे। इन बसों का चमकीला हरा रंग राज्य की स्वच्छ और सुंदर छवि का प्रतीक है। अग्निहोत्री ने विश्वास जताया कि टिकाऊ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के बीच भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा। सरकार भविष्य में चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ करने की योजना पर भी कार्य कर रही है।