Cricket: टीम इंडिया की जीत और हार के बीच गौतम गंभीर बने पंचिंग बैग 2027 विश्व कप तक सुरक्षित है उनकी कुर्सी – The Hill News

Cricket: टीम इंडिया की जीत और हार के बीच गौतम गंभीर बने पंचिंग बैग 2027 विश्व कप तक सुरक्षित है उनकी कुर्सी

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर पिछले दो वर्षों से लगातार चर्चा और आलोचनाओं के केंद्र में बने हुए हैं। टीम के मैदान पर प्रदर्शन की बात हो या ड्रेसिंग रूम की आंतरिक हलचल, हर स्थिति में गंभीर को एक ‘पंचिंग बैग’ की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब वे लगातार दो आईसीसी ट्रॉफियां दिलाने वाले भारत के पहले कोच बन चुके हैं। इसके बावजूद, प्रशंसक और सोशल मीडिया का एक धड़ा टीम की हर छोटी-बड़ी विफलता का ठीकरा उन पर फोड़ने का कोई मौका नहीं छोड़ता।

गंभीर के कार्यकाल में सूर्यकुमार यादव को कप्तान बनाए रखने या हटाने का निर्णय हो, या फिर विराट कोहली और रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर उठते सवाल, हर बात के लिए मुख्य कोच को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। हद तो तब हो गई जब सोशल मीडिया पर एक फैन क्लब ने अभ्यास सत्र के दौरान विराट कोहली के आउट होने का दोष भी गंभीर पर मढ़ दिया। तर्क दिया गया कि गंभीर बगल वाले नेट से कोहली पर नजर रख रहे थे, जिससे उन पर दबाव बढ़ गया। इस तरह की बेतुकी बयानबाजी दर्शाती है कि गंभीर के प्रति धारणा किस कदर पूर्वाग्रह से ग्रसित हो चुकी है।

चयन प्रक्रिया और वैभव सूर्यवंशी का मामला
युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी गंभीर पर काफी हमले हुए। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले 15 वर्षीय वैभव को आयरलैंड दौरे पर न खिलाने और फिर इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के बीच में ड्रॉप करने को लेकर कोच को निशाने पर लिया गया। असल में, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और गंभीर की योजना संजू सैमसन को पर्याप्त मौके देने की थी। हालांकि, एक अप्रत्यक्ष दबाव के चलते संजू के स्थान पर वैभव को आजमाया गया, लेकिन जब वे सफल नहीं हुए तो टीम दोबारा संजू की ओर मुड़ गई। चयनकर्ताओं से जुड़े सूत्रों का मानना है कि इस तरह के फैसलों में कोच से ज्यादा अन्य सक्रिय चयनकर्ताओं की भूमिका रही है, जो अच्छे प्रदर्शन का श्रेय तो लेना चाहते हैं लेकिन हार की जिम्मेदारी से बचते हैं।

कोचिंग स्टाफ में आपसी सामंजस्य की कमी
गंभीर के सहयोगी स्टाफ को लेकर भी विवाद कम नहीं हैं। गंभीर ने शुरुआत में अपनी पसंद के कोच मांगे थे, लेकिन बोर्ड ने कुछ पुराने सदस्यों को बरकरार रखा। क्षेत्ररक्षण कोच टी. दिलीप को हटाने पर सहमति बन चुकी थी, लेकिन एक प्रभावशाली क्रिकेटर की पैरवी के कारण वे पद पर बने रहे। इसका परिणाम यह हुआ कि रेयान टेन डोएशे और टी. दिलीप के कार्यक्षेत्र आपस में टकराने लगे। वर्तमान में भारतीय टीम की फील्डिंग का गिरता स्तर चिंता का विषय है। डोएशे ने टीम के भीतर अपनी सीमित भूमिका से निराश होकर अब अलग होने का मन बना लिया है।

विफलताएं और भविष्य की राह
गंभीर के कार्यकाल में जहां चैम्पियंस ट्रॉफी और टी-20 विश्व कप जैसी बड़ी सफलताएं मिली हैं, वहीं न्यूजीलैंड के हाथों घर में टेस्ट सीरीज हारना और श्रीलंका व आयरलैंड जैसी टीमों से शिकस्त मिलना उनके रिकॉर्ड पर दाग की तरह है। पिछले सात मैचों में मिली छह हार ने उनके आलोचकों को और मुखर कर दिया है। हालांकि, इन उतार-चढ़ाव के बावजूद बीसीसीआई का रुख स्पष्ट है। गंभीर और अजीत अगरकर के बीच आपसी तालमेल बेहतर है और बोर्ड फिलहाल कोई बड़ा बदलाव करने के मूड में नहीं है। यह तय माना जा रहा है कि 2027 के वनडे विश्व कप तक गौतम गंभीर ही भारतीय टीम के मुख्य कोच बने रहेंगे।

गौतम गंभीर का रिपोर्ट कार्ड

प्रमुख सफलताएं:

  • 2026 टी-20 विश्व कप और 2025 चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब जीता।

  • 2025 में एशिया कप पर कब्जा और पाकिस्तान को तीन बार हराया।

  • ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में टी-20 सीरीज में जीत दर्ज की।

प्रमुख विफलताएं:

  • न्यूजीलैंड से घर में 0-3 से ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज हार।

  • 2024 में श्रीलंका से 27 साल बाद वनडे सीरीज में शिकस्त।

  • 2026 में आयरलैंड से टी-20 सीरीज और इंग्लैंड से 0-4 की हार।

मैच आंकड़े:

  • टेस्ट: 18 मैच (06 जीत, 10 हार)

  • वनडे: 24 मैच (17 जीत, 06 हार)

  • टी-20: 53 मैच (37 जीत, 12 हार)

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