Uttarakhand: धामी ने डीएम और एसएसपी को दिए कड़े निर्देश, सड़कें गड्ढामुक्त हों – The Hill News

Uttarakhand: धामी ने डीएम और एसएसपी को दिए कड़े निर्देश, सड़कें गड्ढामुक्त हों

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ चार घंटे से अधिक समय तक मैराथन बैठक कर विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, जनसुविधाओं और आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की। देर रात तक चली बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही, अनावश्यक देरी और गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने, राजस्व मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने और आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाने के निर्देश दिए।

बैठक में गृह सचिव, गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आयुक्तों, दोनों पुलिस परिक्षेत्रों के पुलिस महानिरीक्षकों तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। अधिकारियों को कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करने और समस्याओं का मौके पर समाधान करने को कहा गया।

सड़कों की खराब स्थिति पर तय होगी जवाबदेही

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। केवल कागजों पर प्रगति दिखाने के बजाय धरातल पर काम की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द ही सड़क मार्ग से प्रदेश का दौरा करेंगे। यदि कहीं सड़क टूटी मिली या मरम्मत कार्य में लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की समस्या पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अधूरे कार्य एक नवंबर तक पूरे किए जाएं और खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित हो, ताकि आम नागरिकों, व्यापारियों और यात्रियों को परेशानी न हो। नगर निकायों में नियमित सफाई और कूड़ा-कचरे का समय पर निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए।

राजस्व मामलों में देरी नहीं, शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटवारी और तहसीलदार राजस्व मामलों का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण करें। लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदारी तय की जाए।

पुलिस व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए। संज्ञेय अपराधों में नियमानुसार तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई की जाए। थाना और चौकी स्तर पर अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त और जनशिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा की जाए।

त्योहारों पर सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम

नवरात्र और दीपावली को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बाजारों, मंदिरों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। पार्किंग, यातायात डायवर्जन, वैकल्पिक मार्गों और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान में तेजी लाने को कहा। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश सहित प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के लिए अग्रिम यातायात योजना तैयार करने को भी कहा गया। अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने के साथ दोबारा अतिक्रमण न होने देने के लिए नियमित निगरानी पर जोर दिया गया।

कुंभ-2027 की तैयारियों की साप्ताहिक समीक्षा

हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सड़कों, पुलों, घाटों, पेयजल, सीवरेज, स्वास्थ्य सुविधाओं और पार्किंग से संबंधित कार्यों की हर सप्ताह समीक्षा की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर कमियों को तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए गए। परियोजनाओं में देरी होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

आपदा प्रभावितों और दूरस्थ क्षेत्रों पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टरों और एएनएम की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य वैन को निर्धारित रोस्टर के अनुसार संचालित करने को कहा गया।

मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भालू और तेंदुए प्रभावित क्षेत्रों में ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

हर 15 दिन में जनपदों का दौरा करेंगे प्रभारी सचिव

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रभारी सचिव प्रत्येक 15 दिन में आवंटित जनपदों का भ्रमण कर विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करें। विकासखंडवार समीक्षा के दौरान कार्यों की वास्तविक स्थिति, जनसुविधाओं और कानून-व्यवस्था का आकलन किया जाएगा।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया। जिला योजना के तहत स्वीकृत कार्य समय पर पूरे करने और धनराशि का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनता को बेहतर सुविधाएं देना और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही, अनावश्यक विलंब और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

Pls read:Uttarakhand: वसुंधरा ताल में पूर्व चेतावनी प्रणाली का पहला चरण सफल, अब हर दो घंटे में मिलेगी झील की स्थिति की जानकारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *