Himachal: भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही किन्नौर में पुल डूबा और कुल्लू में बहे दस छोटे पुल

शिमला। हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर जारी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने राज्य के कई जिलों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। किन्नौर जिले से लेकर कुल्लू और राजधानी शिमला तक तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। बारिश के कारण आई बाढ़ और मलबे ने न केवल सड़कों को बंद कर दिया है, बल्कि कई महत्वपूर्ण पुलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।

किन्नौर जिले के पूह उपमंडल स्थित लिप्पा में गुरुवार सुबह स्थिति बेहद गंभीर हो गई। यहां पेजर नाले में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ और मलबे की वजह से तेती खड्ड का प्राकृतिक बहाव रुक गया। इसके परिणामस्वरूप लिप्पा गांव को जोड़ने वाला लगभग 100 फीट लंबा लोहे का बेली ब्रिज पूरी तरह पानी में डूब गया। इस पुल के डूबने से स्थानीय ग्रामीणों का संपर्क कट गया है और यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। पुल बंद होने से न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि पर्यटकों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

तबाही का ऐसा ही मंजर कुल्लू की गड़सा घाटी में भी देखने को मिला। बुधवार को गड़सा घाटी में बादल फटने की घटना के बाद गड़सा नाले में भीषण बाढ़ आ गई। इस जल प्रलय ने अपने रास्ते में आने वाले 10 छोटे पुलों को बहा दिया। बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया। पुलों के टूटने से क्षेत्र का संपर्क कट गया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी चुनौतियां आ रही हैं।

राजधानी शिमला में भी बारिश ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। गुरुवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला पूरी रात जारी रहा, जिससे शहर के कई हिस्सों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं हुई हैं। विकासनगर इलाके में पहाड़ी से बड़े पत्थर गिरने के कारण दो वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं टूटू क्षेत्र में दो पेड़ गिरने से यातायात कुछ घंटों के लिए बाधित रहा। भारी बारिश और संभावित खतरों के मद्देनजर प्रशासन ने शुक्रवार को शिमला सहित कई प्रभावित जिलों में स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 10 जुलाई तक बारिश से संबंधित विभिन्न हादसों में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है। बारिश का असर बुनियादी ढांचे पर भी व्यापक पड़ा है। प्रदेश भर में कुल 74 से अधिक सड़कें बंद कर दी गई हैं। इसके अलावा 29 बिजली ट्रांसफॉर्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है और पांच प्रमुख पेयजल योजनाएं भी बाधित हुई हैं, जिससे लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले 7 से 8 घंटों तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को सलाह दी है कि वे नदी-नालों और भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहें। सभी संबंधित विभागों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर रखा गया है।

 

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