मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब और भी आक्रामक और विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। हालिया घटनाक्रम में यूक्रेन ने रूस की हृदयस्थली यानी राजधानी मॉस्को को निशाना बनाते हुए एक बड़ा ड्रोन हमला अंजाम दिया है। इस हवाई हमले में मॉस्को के कपोटन्या जिले में स्थित एक विशाल ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया है। यह रिफाइनरी न केवल मॉस्को बल्कि पूरे क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण ईंधन-प्रसंस्करण इकाइयों में से एक मानी जाती है। हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में स्थित ईंधन भंडारण टैंकों में सिलसिलेवार और अत्यंत शक्तिशाली धमाके हुए, जिससे पूरी राजधानी दहल उठी।
सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जो हमले की भयावहता को साफ तौर पर बयां कर रही हैं। इन वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि एक यूक्रेनी सुसाइड ड्रोन सीधे रिफाइनरी के मुख्य फ्यूल स्टोरेज टैंक से जाकर टकराता है। ड्रोन के टकराते ही टैंक में एक जोरदार विस्फोट होता है, जिसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि भंडारण टैंक की विशाल लोहे की छत और ढक्कन हवा में सैकड़ों फीट ऊपर उछल गया। इस धमाके के तुरंत बाद रिफाइनरी परिसर में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
विस्फोट के बाद का मंजर रोंगटे खड़े कर देने वाला था। रिफाइनरी से निकलने वाली आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि उन्हें शहर के दूर-दराज के इलाकों से भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था। आग लगने के कुछ ही मिनटों के भीतर आसमान में घने काले धुएं का गुबार छा गया, जिसने कपोटन्या जिले और उसके आसपास के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों के बीच से निकलते काले धुएं ने पूरे इलाके में अंधेरा जैसा माहौल पैदा कर दिया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियां तक हिल गईं और लोगों में दहशत फैल गई।
यह हमला रूस के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है। कपोटन्या रिफाइनरी मॉस्को की ईंधन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत आवश्यक है। इस तरह के हमले से न केवल ईंधन की आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना है, बल्कि यह रूस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने कई ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है, लेकिन इस विशेष हमले ने यह साबित कर दिया है कि यूक्रेनी ड्रोन अब रूस की राजधानी के भीतर महत्वपूर्ण ठिकानों को भेदने में सक्षम हैं।
घटनास्थल पर दमकल विभाग और आपातकालीन सेवाओं की कई टीमें तैनात की गई हैं, जो आग पर काबू पाने की जद्दोजहद में जुटी हैं। ईंधन की अधिक मात्रा होने के कारण आग को बुझाना सुरक्षाकर्मियों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। धमाके की जगह से रह-रहकर आग के बड़े गोले निकलते देखे गए, जिससे बचाव कार्य में भी बाधा आ रही है। फिलहाल इस हमले में हुए जानी नुकसान के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन संपत्ति और बुनियादी ढांचे को होने वाला नुकसान करोड़ों में होने का अनुमान लगाया जा रहा है। मॉस्को के इस रिफाइनरी पर हुआ हमला युद्ध के बढ़ते दायरे और आने वाले समय में और अधिक भीषण संघर्ष का संकेत दे रहा है।
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