देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई बड़े निर्णयों पर मुहर लगी है। इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 12 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनकी विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से साझा की। सरकार के इन फैसलों से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और कर्मचारियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक उपनल कर्मचारियों के लिए रहा। सरकार ने इन कर्मचारियों के लिए ‘समान कार्य-समान वेतन’ के लाभ हेतु कटऑफ तिथि को 12 नवंबर 2018 से बढ़ाकर 15 अगस्त 2024 कर दिया है। इस बदलाव से बड़ी संख्या में उपनल कर्मियों के वेतन में सुधार होगा। इसके अलावा, राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए भी एक बड़ी राहत की घोषणा की गई है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की कनिष्ठ सहायक और पुलिस कांस्टेबल भर्ती-2024 में जिन अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र देरी से बने थे, उन्हें दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में एक बार के लिए विशेष छूट दी जाएगी।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड ने एक नया इतिहास रचने की ओर कदम बढ़ाया है। कैबिनेट ने प्रदेश को ‘पूर्ण साक्षर’ राज्य घोषित करने का निर्णय लिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड की साक्षरता दर अब 98 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। साथ ही, ‘उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026’ को भी मंजूरी मिल गई है। इसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता देने, उनके पाठ्यक्रम को आधुनिक बनाने और परीक्षाओं के सुचारू संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
पशुपालन और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी कैबिनेट ने ठोस कदम उठाए हैं। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करने के उद्देश्य से ‘एम्ब्रियो ट्रांसफर’ तकनीक पर आधारित एक गौवंश पायलट परियोजना को शुरू करने की अनुमति दी गई है। वहीं, औषधीय और हर्बल उत्पादों के निर्यात को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सेलाकुई स्थित सगंध केंद्र में मिलावट जांच की आधुनिक सुविधा विकसित की जाएगी। इस कार्य के लिए सरकार ने पांच नए पदों के सृजन को भी हरी झंडी दे दी है।
चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में सरकार ने घोड़ा-खच्चर संचालकों के लिए कल्याणकारी योजना बनाई है। अब यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले इन पशुओं के लिए सरकार 5 प्रतिशत बीमा दर के आधार पर सहायता राशि प्रदान करेगी। पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने के लिए ‘हिमालयन कार रैली’ के आयोजन को मंजूरी दी गई है, जिसकी जिम्मेदारी मद्रास की एक विशेषज्ञ संस्था को सौंपी जाएगी। इस रैली में लगभग 50 अंतरराष्ट्रीय कारों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
अन्य निर्णयों में, लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी बिटुमेन (डामर) की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए एक प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। आबकारी विभाग के मामले में होलोग्राम के दोहराव पर लगने वाले दोहरे कर को खत्म कर दिया गया है। अब ऐसे मामलों में केवल एक बार ही टैक्स लिया जाएगा। गृह विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड कारागार नियमावली और कारागार अधीनस्थ सेवा नियमावली में संशोधन के प्रस्तावों को भी सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लिए गए ये फैसले राज्य की प्रशासनिक और आर्थिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।