Himachal: बिलासपुर में जबरन धर्मांतरण के प्रयासों पर भारी हंगामा ग्रामीणों ने लगाया पांच लाख के प्रलोभन का आरोप

घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयासों का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। जिले के घुमारवीं उपमंडल के ग्रामीण इलाकों में कुछ बाहरी समूहों की कथित सक्रियता और ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर मतांतरण की कोशिशों के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि कुछ विशेष मिशनरी समूह सीधे-साधे और आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों को मोटी नकद राशि और अन्य वित्तीय प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसा रहे हैं।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीणों ने लामबंद होकर घुमारवीं पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न पहलुओं पर जांच तेज कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में मुख्य आरोपी के रूप में घुमारवीं के चचेड़ा निवासी राजकुमार का नाम सामने आ रहा है। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि राजकुमार और उसके साथी पिछले काफी समय से क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।

हवाण गांव के निवासी संदीप कुमार ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह अपने गांव के निकट एक दुकान से घरेलू सामान खरीदने गया था। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन में सवार तीन महिलाएं और तीन पुरुष वहां पहुंचे और उसे रोक लिया। संदीप के मुताबिक, उनमें से एक व्यक्ति ने अपना परिचय चचेड़ा निवासी के रूप में दिया और उसे व उसके परिवार को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने लगा। आरोपी ने संदीप को हिंदू धर्म छोड़ने के बदले पांच लाख रुपये नकद और हर महीने पांच हजार रुपये का वजीफा देने का लालच दिया। जब संदीप ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो आरोपियों ने उसके मूल धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं और उसके साथ गाली-गलौज भी की।

इसी क्षेत्र के एक अन्य ग्रामीण रवि कुमार ने और भी गंभीर आरोप लगाए हैं। रवि का कहना है कि आरोपितों ने उसकी पत्नी का जबरन धर्म परिवर्तन करवा दिया है और अब पूरा समूह उसके परिवार पर ईसाई धर्म अपनाने का मानसिक दबाव बना रहा है। रवि ने पुलिस से मांग की है कि इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच की जाए क्योंकि यह क्षेत्र के धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ने की सोची-समझी साजिश है।

इस कथित धर्मांतरण के खेल के खिलाफ अब एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। सुनीता देवी, मनोरमा, पूजा, चंपा, ओंकार सिंह, ओंकार देवी, सुमन, रविंद्र, राजकुमार और नवदीप सहित कई ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पुलिस को शिकायत सौंपी है। घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। विहिप के प्रांत मंत्री तुषार डोगरा और जिला मंत्री विशाल नड्डा ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि देवभूमि की संस्कृति के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिंदू संगठनों ने इस मामले में विदेशी फंडिंग के कोण से भी जांच की मांग उठाई है और कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

बिलासपुर के एसपी संदीप धवल ने बताया कि पुलिस को धर्म परिवर्तन के प्रलोभन और दबाव के संबंध में कुछ शिकायतें मिली हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस बल लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

 

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