लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शनिवार रात की सख्त चेतावनी का असर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में कहा था कि यदि वे जिला नहीं संभाल पा रहे हैं तो पद छोड़ दें, क्योंकि लापरवाही पर अब सीधी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस चेतावनी के महज 24 घंटे के भीतर यूपी पुलिस अपराधियों पर कहर बनकर टूटी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई 10 मुठभेड़ों में पुलिस ने एक इनामी बदमाश को ढेर कर दिया, जबकि 20 अन्य शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
गाजियाबाद में हुई एक मुठभेड़ में पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी असद को मार गिराया। असद वही अपराधी था जिसने बकरीद के दिन मामूली विवाद में छात्र सूर्या की हत्या कर दी थी। पुलिस की इस सक्रियता के दौरान गिरफ्तार किए गए अधिकांश बदमाशों के पैरों में गोली लगी है। इन पकड़े गए अपराधियों में फिरोजाबाद का वह दरिंदा जितेंद्र पाठक उर्फ विराज भी शामिल है, जिसने एक दो वर्षीय मासूम बच्चे की पटक-पटक कर हत्या कर दी थी। मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने उसके दोनों पैरों पर गोली मारकर उसे दबोच लिया।
इससे पहले, शनिवार देर शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पिछले दिनों हुई बड़ी आपराधिक घटनाओं पर गहरी नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने विशेष रूप से वाराणसी, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद और लखनऊ के जिलाधिकारियों व पुलिस कमिश्नरों को फटकार लगाई। साथ ही जौनपुर, पीलीभीत, बागपत और गाजीपुर के डीएम व एसपी को भी कड़ा अल्टीमेटम दिया। डीजीपी राजीव कृष्णा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अगर अधिकारी शांति व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहते हैं, तो वे सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
मुख्यमंत्री के इस रुख के बाद पुलिस ने विभिन्न जिलों में घेराबंदी शुरू की। पीलीभीत में कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता की हत्या के मुख्य आरोपी लकी मौर्य को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। उसके साथ सहयोगी शिव और कुनाल भी पकड़े गए, जिनके पैरों में गोली लगी है। मेरठ में एक प्लंबर से चार लाख की रंगदारी मांगने वाले पंकज और तनवीर को भी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
रामपुर में पुलिस पर फायरिंग करने वाले हत्या के आरोपी रवि को जवाबी कार्रवाई में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उन्नाव में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय लुटेरे छोट्टन चौधरी को उसके चार साथियों के साथ दबोचा। ये बदमाश एसी और फ्रिज से लदे कंटेनर को लूटने और चालक पर जानलेवा हमला करने के आरोपी थे।
राजधानी लखनऊ में भी पुलिस ने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में तीन बदमाशों को पकड़ा। विकासनगर में छात्रा से छेड़छाड़ और हमले के आरोपी सनी यादव को गिरफ्तार किया गया, जबकि कृष्णानगर में सिगरेट से भरा बैग लूटने वाले रोहन और साहिल को मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के पांच अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस चौतरफा कार्रवाई ने अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है और यह स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश में अपराध और लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है।