नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच इजरायल ने गाजा पट्टी को लेकर अपनी भविष्य की सैन्य रणनीति का खुलासा किया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि उनकी सेना गाजा पट्टी के कम से कम 70 प्रतिशत हिस्से पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण हासिल करने की योजना पर काम कर रही है। नेतन्याहू का यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे कूटनीतिक प्रयासों और पिछले साल अक्टूबर में हुए युद्धविराम की शर्तों के लिहाज से काफी विवादास्पद माना जा रहा है, क्योंकि यह सीधे तौर पर इजरायली सेना के विस्तार की ओर इशारा करता है।
जार्डन में आयोजित एक महत्वपूर्ण सम्मेलन के दौरान अपनी बात रखते हुए नेतन्याहू ने युद्ध की वर्तमान स्थिति और भविष्य के लक्ष्यों को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि इजरायल वर्तमान में हमास पर सैन्य दबाव लगातार बढ़ा रहा है। उन्होंने क्षेत्रवार कब्जे का विवरण देते हुए कहा कि इजरायली सेना का नियंत्रण जो पहले 50 प्रतिशत क्षेत्र पर था, वह अब बढ़कर 60 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। अब उनका अगला स्पष्ट निर्देश अपनी सेना को गाजा के 70 प्रतिशत भाग पर कब्जा करने का है।
इसी सम्मेलन के दौरान जब एक सहभागी ने उत्तेजित होकर पूरे गाजा यानी 100 प्रतिशत क्षेत्र पर इजरायली कब्जे की मांग की, तो नेतन्याहू ने कूटनीतिक और रणनीतिक रुख अपनाते हुए जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल इस दिशा में जल्दबाजी के बजाय एक व्यवस्थित और क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। उनके अनुसार, वर्तमान प्राथमिकता 70 प्रतिशत हिस्से को पूरी तरह अपने नियंत्रण में लेने की है, जिसके बाद ही आगे के चरणों पर विचार किया जाएगा।
नेतन्याहू की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम के अगले चरण को लेकर पर्दे के पीछे अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है। इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र हमास द्वारा हथियारों का समर्पण करना और गाजा के क्षेत्रों से इजरायली सैनिकों की चरणबद्ध वापसी है। हालांकि, जमीन पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। वर्तमान में हमास के पास गाजा का केवल एक छोटा सा तटीय हिस्सा ही बचा है, जबकि आधे से अधिक क्षेत्र पर इजरायली सेना का कब्जा मजबूत हो चुका है।
इस निरंतर जारी संघर्ष के कारण मानवीय संकट भी गहराता जा रहा है। गाजा के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, युद्धविराम की शर्तों और वार्ताओं के बावजूद इजरायली हमलों में कमी नहीं आई है। बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में लगभग 900 फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है। महीनों से जारी भारी बमबारी और जमीनी सैन्य कार्रवाई ने गाजा के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है, जिससे वहां के बड़े रिहायशी इलाके अब मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं।
ताजा हिंसा की घटनाओं ने त्योहारों की खुशी को भी मातम में बदल दिया है। गाजा शहर में बकरीद के पवित्र अवसर पर बुधवार की रात हुए एक इजरायली हमले में 10 लोगों की जान चली गई। शिफा अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों में पांच बच्चे और एक बुजुर्ग शामिल हैं। इस हमले में 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटनास्थल से आए विचलित करने वाले दृश्यों में रिहायशी इमारतों से उठती आग की लपटें और मलबे के बीच से घायलों को बचाते हुए लोग दिखाई दे रहे हैं। नेतन्याहू की इस नई सैन्य योजना के बाद यह अंदेशा और गहरा गया है कि क्षेत्र में शांति बहाली अभी एक दूर का सपना बनी रह सकती है।
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