देहरादून। चंपावत में एक नाबालिग छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की वीभत्स घटना और प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है। इस दरिंदगी के खिलाफ गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न शहरों में जबरदस्त जन आक्रोश देखने को मिला। राजधानी देहरादून से लेकर पहाड़ के सुदूर क्षेत्रों तक लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार पर महिला सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा सरकार के पुतले दहन किए।
राजधानी देहरादून में तीखा विरोध
देहरादून के लैंसडौन चौक पर सुराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देवभूमि में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और अपराधी बेखौफ हो चुके हैं। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला फूंक कर अपना रोष प्रकट किया। वहीं, यमुना कॉलोनी तिराहे के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और सरकार सोई हुई है।
श्रीनगर गढ़वाल में न्याय के लिए हुंकार
श्रीनगर में इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। “जस्टिस फॉर अंकिता भंडारी कमेटी” के बैनर तले पीपलचौरी से गोला पार्क तक एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर दोषियों को तत्काल फांसी देने और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग लिखी थी। गोला पार्क में आयोजित जनसभा में सरस्वती देवी, मुकेश सेमवाल और मोनिका जैसे वक्ताओं ने कहा कि ऐसी घटनाएं देवभूमि के लिए शर्मनाक हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय में देरी हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बागेश्वर में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन
बागेश्वर में भी चंपावत कांड की गूंज सुनाई दी। यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गोकुल परिहार और पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एसबीआई तिराहे पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुतला दहन किया। पूर्व विधायक फर्स्वाण ने सीधे तौर पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि जब सत्ताधारी दल से जुड़े लोग ही ऐसे अपराधों में शामिल होंगे, तो जनता न्याय की उम्मीद किससे करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े दोषियों को बचाने के लिए कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है।
सरकार की विफलता पर उठे सवाल
श्रीनगर और बागेश्वर में हुए प्रदर्शनों के दौरान वक्ताओं ने राज्य की गिरती कानून व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की। यूथ कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि चंपावत मामले में आरोपितों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़क से लेकर विधानसभा तक सरकार को घेरेंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पिछले कुछ समय में प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, जिससे आम जनता में असुरक्षा का भाव है।
देवभूमि की छवि बचाने की अपील
प्रदर्शनों में शामिल विभिन्न संगठनों और स्थानीय महिलाओं ने कहा कि उत्तराखंड को ऋषियों और संतों की भूमि माना जाता है, लेकिन दुष्कर्म जैसी घटनाएं इसकी पावन छवि को धूमिल कर रही हैं। वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से इस मामले की सुनवाई हो ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके। श्रीनगर की रैली में सरस्वती देवी, सीमा और लक्ष्मी भट्ट सहित दर्जनों महिलाएं मौजूद रहीं, जिन्होंने बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए समाज से भी आगे आने की अपील की।