WB: उत्तर 24 परगना में सुरक्षाबलों पर फायरिंग के साथ कई जवान घायल – The Hill News

WB: उत्तर 24 परगना में सुरक्षाबलों पर फायरिंग के साथ कई जवान घायल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद शुरू हुआ हिंसक दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार देर रात उत्तर 24 परगना जिले के नैजाट इलाके में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, जहां उपद्रवियों ने न केवल आम लोगों बल्कि पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को भी अपना निशाना बनाया। इस हिंसक झड़प के दौरान हुई गोलीबारी में नैजाट थाने के प्रभारी और एक कांस्टेबल सहित कुल पांच जवान घायल हो गए हैं। इस घटना ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और चुनाव के बाद की शांति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नैजाट में पुलिस और सुरक्षाबलों पर हमला
उत्तर 24 परगना के नैजाट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले राजबाड़ी क्षेत्र में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प की सूचना मिली थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नैजाट थाने के प्रभारी भरत प्रसून कर पुलिस टीम और केंद्रीय बलों के जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। जब सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे, तभी एक मकान के भीतर से सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी गई। इस हमले में भरत प्रसून कर के पैर में गोली लगी और एक अन्य कांस्टेबल भी जख्मी हो गया। हमले में कुल तीन पुलिसकर्मी और केंद्रीय बल के दो जवानों को चोटें आई हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए कोलकाता के चित्तरंजन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस की छापेमारी और बम बरामदगी
हिंसक घटना के तुरंत बाद पुलिस और सुरक्षाबलों ने इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी और छापेमारी अभियान शुरू किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान मौके से कई साकेट बम बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल क्षेत्र में दहशत फैलाने के लिए किया जाना था। पुलिस ने हमले के संदेह में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे सघन पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा बलों ने राजबाड़ी इलाके में सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है ताकि स्थिति को फिर से बिगड़ने से रोका जा सके। फिलहाल पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

चुनाव आयोग का ‘जीरो टॉलरेंस’ निर्देश
बंगाल में बढ़ती हिंसा को देखते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला और डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चुनाव के बाद होने वाली हिंसा के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ यानी कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई जाए। आयोग ने अधिकारियों से कहा है कि हिंसा की किसी भी घटना पर बिना किसी देरी के सख्त कार्रवाई की जाए। निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को भी राज्य प्रशासन के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाकर स्थिति को हर हाल में नियंत्रण में रखने की जिम्मेदारी दी है।

हिंसा की अन्य घटनाएं और प्रशासनिक सतर्कता
राज्य के अन्य हिस्सों से भी चुनाव के बाद हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। जानकारी के अनुसार, राज्य में हुई अलग-अलग हिंसक वारदातों में अब तक कथित तौर पर दो लोगों की जान जा चुकी है और कई राजनीतिक दलों के कार्यालयों को नुकसान पहुंचाया गया है। इसी के मद्देनजर चुनाव आयोग ने प्रशासन को हर समय सतर्क रहने को कहा है। प्रशासन और केंद्रीय बलों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

 

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