देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में एक
उच्च स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु
चारधाम यात्रा मार्गों को मानसून सीजन की चुनौतियों के लिए तैयार करना और
यात्रा को सुरक्षित बनाना था। बैठक में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), सीमा सड़क
संगठन (बीआरओ), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और राष्ट्रीय
राजमार्ग के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की, ताकि वर्षा ऋतु के आगमन
से पहले सड़कों के सुधारीकरण के कार्यों पर प्रभावी तालमेल बिठाया जा सके।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा को श्रद्धालुओं
के लिए सुरक्षित, सरल और सुगम बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले उन सभी संवेदनशील स्थानों पर
सुरक्षात्मक और सुदृढ़ीकरण के कार्य पूर्ण कर लिए जाएं जहां भूस्खलन का
खतरा सबसे अधिक रहता है। आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने
कार्यों की प्राथमिकता तय करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी महत्वपूर्ण
परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी हों।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने यात्रा मार्गों पर मौजूद ‘बॉटलनेक्स’ यानी उन संकरे
रास्तों के सुधारीकरण पर विशेष जोर दिया जो यातायात में बाधा उत्पन्न करते
हैं। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान होने वाली भूस्खलन की घटनाओं से निपटने
के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में भारी मशीनों और आवश्यक उपकरणों की संख्या में इजाफा
किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मशीनों की तैनाती इस प्रकार की जाए कि
मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उन्हें कम से कम समय में खोला जा सके।
इस महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में बीआरओ के डीजी ले.ज. हरपाल सिंह, सचिव डॉ. पंकज
कुमार पाण्डेय और एनएचएआई व टीएचडीसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके
साथ ही उत्तरकाशी, टिहरी और चमोली जनपदों के जिलाधिकारियों ने भी इस चर्चा में
भाग लिया। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों के
अंतर्गत आने वाले यात्रा मार्गों की स्थिति पर कड़ी नजर रखें और सड़क निर्माण
में जुटी एजेंसियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें।
आनंद बर्द्धन ने अंत में कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग का दुरूस्तीकरण केवल एक
प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा
से जुड़ा मामला है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी सामंजस्य के साथ काम
करें ताकि मानसून के दौरान भी यात्रा सुचारू रूप से चलती रहे। उन्होंने स्पष्ट
किया कि कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ किसी भी प्रकार की कोताही
बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों
द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।