चंडीगढ़। पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की महत्वाकांक्षी योजना
‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ बुजुर्गों और श्रद्धालुओं के सपनों
को साकार करने का सशक्त माध्यम बन गई है। राज्य के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह
मुंडिया ने मंगलवार को इस योजना की प्रगति साझा करते हुए बताया कि अब
तक दो चरणों के माध्यम से 1.32 लाख से अधिक श्रद्धालु विभिन्न पवित्र धार्मिक
स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। यह योजना राज्य के नागरिकों को मुफ्त
तीर्थ यात्रा की सुविधा प्रदान करने और उनके जीवन की धार्मिक इच्छाओं को
पूरा करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
राजस्व मंत्री ने वर्तमान में संचालित दूसरे चरण के जिलावार आंकड़े साझा करते हुए
बताया कि 27 अप्रैल 2026 तक बठिंडा क्लस्टर से सबसे अधिक 1,179 यात्राएं
आयोजित की गईं, जिसका लाभ 46,030 श्रद्धालुओं ने उठाया। इसी प्रकार
मोहाली से 533 यात्राओं के जरिए 21,104 श्रद्धालु, लुधियाना से 596
यात्राओं के माध्यम से 23,747 श्रद्धालु और अमृतसर क्लस्टर से 154 यात्राओं
के जरिए 6,160 श्रद्धालुओं ने तीर्थाटन किया। दूसरे चरण के तहत अब तक कुल 2,462
यात्राएं आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें 97,041 श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया
है।
योजना के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए हरदीप सिंह मुंडिया ने बताया कि इसका पहला
चरण 27 नवंबर 2023 को प्रथम गुरु, गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के
उपलक्ष्य में शुरू किया गया था। इस चरण के दौरान लगभग 35,500 श्रद्धालुओं को देश के
विभिन्न राज्यों में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे श्री हजूर साहिब (नांदेड़),
श्री पटना साहिब (बिहार), वाराणसी, मथुरा-वृंदावन, अजमेर शरीफ दरगाह और विभिन्न
शक्तिपीठों जैसे माता चिंतपूर्णी, ज्वाला जी, नयना देवी और माता वैष्णो देवी के
दर्शन कराए गए।
मंत्री ने बताया कि योजना का दूसरा चरण अक्टूबर 2025 में नौवें गुरु, गुरु तेग
बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित करते हुए शुरू किया गया था।
यह योजना सभी धर्मों, जातियों और क्षेत्रों के 50 वर्ष या उससे अधिक आयु के
लोगों के लिए खुली है। इस चरण में श्रद्धालुओं को मुख्य रूप से श्री
हरमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर, भगवान श्री वाल्मीकि तीर्थ स्थल,
जलियांवाला बाग और विभाजन संग्रहालय जैसे महत्वपूर्ण स्थलों पर ले जाया जा रहा
है।
श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री
ने कहा कि यात्रा के दौरान आने-जाने का खर्च, ठहरने की व्यवस्था, भोजन,
चिकित्सा सहायता और जरूरी किट पूरी तरह मुफ्त प्रदान की जा रही है।
इस पूरी योजना का वित्तीय भार पंजाब सरकार स्वयं उठा रही है, ताकि आर्थिक रूप से
कमजोर और बुजुर्ग नागरिकों को सम्मानजनक तरीके से तीर्थ यात्रा का लाभ मिल
सके। यह योजना समाज के हर वर्ग के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है।
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