धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने धर्मशाला में एक
विशेष कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय राजनीति के विद्वान अमर कुमार द्वारा
लिखित पुस्तक ‘शक्ति की राजनीति’ (Power Politics) का विमोचन किया। इस अवसर पर
मुख्यमंत्री ने लेखक के गहन शोध की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक राजनीति के
बदलते स्वरूप को समझने की दिशा में यह पुस्तक एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित
होगी।
विमोचन के दौरान सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पुस्तक की विषय-वस्तु पर चर्चा करते हुए
कहा कि यह रचना ‘पॉल एफ. कैनेडी’ के महान शक्तियों के पतन के पुराने सिद्धांत
को एक नए और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ संशोधित करती है। उन्होंने बताया कि
पुस्तक में शक्ति की राजनीति के उन नए आयामों को प्रस्तुत किया गया है,
जो वर्तमान वैश्विक व्यवस्था में उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस पुस्तक
में अमेरिका, चीन, रूस और भारत सहित दुनिया के अन्य प्रभावशाली देशों के बीच
चल रही कूटनीतिक और राजनीतिक खींचतान का शोध-आधारित विश्लेषण किया गया है। यह
विश्लेषण न केवल राजनीति विज्ञान के छात्रों के लिए बल्कि इस विषय पर शोध
करने वाले विद्वानों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने लेखक अमर कुमार के बौद्धिक प्रयासों की प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल
भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब वैश्विक समीकरण
तेजी से बदल रहे हैं, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय संबंधों और शक्ति संतुलन पर आधारित
यह पुस्तक पाठकों को विश्व राजनीति की गहरी समझ प्रदान करेगी।
लेखक अमर कुमार के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि वे अंतरराष्ट्रीय
राजनीति के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने वर्ष 2025 में
दक्षिण कोरिया के सियोल में आयोजित ग्लोबल पॉलिटिकल काउंसिल की इंटरनेशनल
कांग्रेस में भी प्रतिभाग किया था। अमर कुमार वर्तमान में इंटरनेशनल
पॉलिटिकल काउंसिल के सहयोगी सदस्य होने के साथ-साथ इंडियन पॉलिटिकल काउंसिल
के स्थायी सदस्य भी हैं। वे लगातार वैश्विक राजनीति और कूटनीति के विषयों पर
गंभीरता से लेखन कार्य कर रहे हैं। गौरतलब है कि अमर कुमार की शैक्षणिक और
राजनीतिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत रही है और वे पूर्व में एनएसयूआई के
महासचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
धर्मशाला में आयोजित इस विमोचन कार्यक्रम के दौरान शिक्षा और राजनीति से जुड़े कई
अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि अमर
कुमार का यह शैक्षणिक योगदान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जाएगा और उनके
शोध से नीति निर्माताओं को भी नए दृष्टिकोण प्राप्त होंगे। यह पुस्तक बाजार
में आने के बाद वैश्विक राजनीति के प्रति रुचि रखने वाले पाठकों के बीच चर्चा
का केंद्र बनने की उम्मीद है।
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