देहरादून, 27 अप्रैल। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय
में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की प्रगति
की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रदेश की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने
के लिए कई अहम निर्णय लिए गए और अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने
के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता
राज्य की छवि का प्रतीक है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं
की जाएगी।
बैठक के दौरान आनन्द बर्द्धन ने राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक व्यापक और
प्रभावी तंत्र (कम्पलीट मैकेनिज्म) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित
विभाग को इसके लिए तत्काल एक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा है,
ताकि शहरी क्षेत्रों में कूड़े के निस्तारण की समस्या का स्थायी समाधान
निकाला जा सके। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से चारधाम यात्रा का उल्लेख
करते हुए कहा कि यात्रा मार्गों और विभिन्न जनपदों के प्रवेश द्वारों पर
स्वच्छता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने ठोस अपशिष्ट
निस्तारण हेतु अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि यात्रा के
दौरान बढ़ने वाले दबाव को नियंत्रित किया जा सके।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे चारधाम यात्रा मार्गों और
चारों मुख्य धामों के आसपास के क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की व्यक्तिगत रूप से
निगरानी करें। उन्होंने जोर दिया कि इस अतिरिक्त बजट का सदुपयोग केवल
स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की गतिविधियों में ही सुनिश्चित किया
जाए। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए
उन्होंने प्रदेश के सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से उपचारित जल का
शत-प्रतिशत उपयोग गैर-पेयजल कार्यों में करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा
कि पार्क, बागवानी और निर्माण जैसे कार्यों में इस पानी का उपयोग करने हेतु एक ठोस
कार्ययोजना तैयार की जाए।
प्रदेश में कचरे से ऊर्जा बनाने की दिशा में तेजी लाने के लिए आनन्द बर्द्धन ने सभी
निर्माणाधीन कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट और ‘वेस्ट टू एनर्जी’ प्लांट को जल्द से जल्द
पूरा कर संचालित करने के आदेश दिए। तकनीकी निगरानी को बढ़ावा देते हुए उन्होंने कहा
कि ‘व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम’ (वीएलटीएस) को अविलंब शुरू किया जाए। इससे घरों
से कूड़ा उठाने वाले वाहनों की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा और डोर-टू-डोर
कूड़ा उठान की प्रक्रिया की प्रभावी ढंग से निगरानी की जा सकेगी।
इस समीक्षा बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, रणवीर सिंह चौहान और अहमद इकबाल सहित
अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को
आपसी समन्वय के साथ इन योजनाओं को धरातल पर उतारने और स्वच्छ भारत मिशन के
लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि
उत्तराखंड एक पर्यटन प्रधान राज्य है, ऐसे में स्वच्छता हमारी सर्वोच्च
प्राथमिकता होनी चाहिए।
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