Uttarakhand: पौड़ी के सिलाण गांव में महिला को जिंदा जलाने का प्रयास ससुर पर लगा पेट्रोल छिड़कने का गंभीर आरोप – The Hill News

Uttarakhand: पौड़ी के सिलाण गांव में महिला को जिंदा जलाने का प्रयास ससुर पर लगा पेट्रोल छिड़कने का गंभीर आरोप

पौड़ी। जनपद पौड़ी के विकास खंड खिर्सू स्थित सिलाण गांव से एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जहां एक महिला को कथित तौर पर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाने की कोशिश की गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पीड़िता के मायके पक्ष ने उसके ससुर पर बहु को जान से मारने की नियत से आग लगाने का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि ससुराल पक्ष लगातार पीड़िता पर पुलिस के समक्ष अपने बयान बदलने के लिए मानसिक दबाव बना रहा है।

यह हृदयविदारक घटना बीते 16 अप्रैल की है, लेकिन मायके वालों को इसकी भनक तीन दिन बाद लगी। पीड़िता के चाचा कृपाल सिंह ने बताया कि उनकी भतीजी उमा की शादी वर्ष 2020 में संतोष बिष्ट से हुई थी। ससुराल पक्ष ने घटना को पूरी तरह से छिपाए रखा। जब 19 अप्रैल को उमा की छोटी भाभी ने उसका हाल जानने के लिए फोन किया, तब पति संतोष ने उसके जिला अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। मायके पक्ष का आरोप है कि ससुर ने 16 अप्रैल की सुबह करीब सात बजे उमा पर पेट्रोल डालकर उसे जलाने का प्रयास किया था। उन्होंने पुलिस पर भी हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष से की है।

दूसरी ओर, पीड़िता के पति संतोष बिष्ट ने इन आरोपों को नकारते हुए एक अलग कहानी बयां की है। संतोष का कहना है कि 16 अप्रैल की सुबह उमा किचन में खाना बना रही थी और वह ऊपरी मंजिल के कमरे में था। पत्नी की चीखें सुनकर जब वह नीचे आया तो उसे आग की लपटों में घिरा पाया। उसने जैसे-तैसे आग बुझाई और उसे अस्पताल पहुंचाया। पति के अनुसार, उमा फिलहाल इस स्थिति में नहीं है कि वह घटना के बारे में कुछ स्पष्ट बता सके। स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने भी अस्पताल पहुंचकर पीड़िता का हालचाल जाना और प्रशासन को बेहतर उपचार के निर्देश दिए।

जिला अस्पताल पौड़ी के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एलडी सेमवाल ने बताया कि उमा लगभग 15 प्रतिशत से अधिक झुलस गई है। उसके चेहरे, हाथ और पैर आग की चपेट में आए हैं, हालांकि वह फिलहाल खतरे से बाहर है। अस्पताल में बर्न वार्ड की सुविधा न होने के कारण उसे सामान्य वार्ड में ही रखा गया है। सर्जन डॉ. मयंक चौहान की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है। अस्पताल प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि मरीज की देखभाल में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है।

पुलिस ने इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। श्रीनगर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनुज कुमार ने बताया कि सिलाण गांव में महिला के झुलसने की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई है। घटना के पीछे के असली कारणों और आरोपों की सत्यता की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों और बयानों के आधार पर जल्द ही अग्रिम कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। फिलहाल, यह मामला सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है क्योंकि दोनों पक्ष अलग-अलग दावे कर रहे हैं।

 

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