Punjab: स्टेज से स्टेट तक भगवंत मान का सफर और सिस्टम बदलने के लिए थामी हरी कलम – The Hill News

Punjab: स्टेज से स्टेट तक भगवंत मान का सफर और सिस्टम बदलने के लिए थामी हरी कलम

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक विचार मंच के दौरान अपने जीवन के अनुभवों और राज्य की वर्तमान चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के रूप में उनकी ताकत ‘पॉलिटिकल सटायर’ थी, जिसके जरिए वे व्यवस्था की कमियों पर कटाक्ष करते थे। साल 2022 में जब जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री चुना, तो उनके हाथों में ‘हरी कलम’ आ गई। भगवंत मान का मानना है कि अब वे केवल सिस्टम पर चोट नहीं कर रहे, बल्कि उसे जड़ से बदल रहे हैं ताकि आम लोगों के जीवन में सुधार आए।

मुफ्त योजनाओं का बचाव करते हुए भगवंत मान ने कहा कि गरीबों को मिलने वाली बिजली और राशन की सुविधाएं ‘रेवड़ी’ नहीं हैं। उन्होंने तर्क दिया कि देश का हर गरीब नागरिक माचिस से लेकर पंखे तक हर चीज पर इनडायरेक्ट टैक्स देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बड़े उद्योगपतियों का कर्ज माफ किया जा सकता है, तो गरीबों को सहूलियत देने पर आपत्ति क्यों होती है? भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने पंजाब का 9000 करोड़ रुपये का ग्रामीण विकास फंड रोक रखा है। उन्होंने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर केंद्र का बस चले, तो वे राष्ट्रगान से पंजाब का नाम हटा दें।

कृषि के मुद्दे पर बोलते हुए भगवंत मान ने फसल बीमा योजना को पूरी तरह ‘फ्लॉप’ बताया। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में यह लागू है, वहां के किसान आज भी परेशान हैं। पंजाब सरकार ने फसल नुकसान के लिए देश में सबसे अधिक 20,000 रुपये प्रति एकड़ की भरपाई की है। पराली जलाने की समस्या पर उन्होंने कहा कि अन्नदाता को अपराधी बनाना गलत है। किसानों को पराली के निस्तारण के लिए प्रोत्साहन राशि देनी होगी। उन्होंने जानकारी दी कि उनकी सरकार के प्रयासों से अब पंजाब के 74 प्रतिशत खेतों तक नहरी पानी पहुंच रहा है, जिससे भूजल के स्तर में सुधार हुआ है।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए भगवंत मान ने कहा कि आज पंजाब के किसी भी स्कूल में बच्चे जमीन पर बैठकर नहीं पढ़ते। सरकारी स्कूलों के बच्चे अब प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर रहे हैं। ड्रग्स के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पंजाब को बेवजह बदनाम किया जाता है, जबकि नशे की बड़ी खेप दूसरे राज्यों के पोर्ट से पकड़ी जाती है। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) के गठन से हर साल हजारों लोगों की जान बचाई जा रही है।

अपने निजी जीवन का एक किस्सा साझा करते हुए भगवंत मान ने बताया कि कॉलेज के दिनों में वे गायक मोहम्मद सदीक के स्टेज शो संभालते थे। उस समय उनकी ईमानदारी से प्रभावित होकर मोहम्मद सदीक ने उनकी तनख्वाह बढ़ा दी थी और कहा था कि ईमानदारी ही उन्हें आगे ले जाएगी। केंद्र के साथ संबंधों पर उन्होंने कहा कि हक की लड़ाई के लिए कभी-कभी ‘पंजा टेढ़ा’ करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पंजाब के विकास के लिए किसी भी बाधा से टकराने को तैयार हैं।

 

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