ज्वालामुखी। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को कांगड़ा जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में माथा टेका और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ज्वालामुखी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के सुनियोजित विकास को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने ज्वालामुखी शहर और मंदिर परिसर के समग्र सौंदर्यीकरण के लिए 150 करोड़ रुपये की एक वृहद विकास योजना की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बड़ी परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। योजना को रफ्तार देने के उद्देश्य से 25 करोड़ रुपये की पहली किस्त तुरंत जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विकास योजना में जहां एक ओर श्रद्धालुओं के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर मंदिर मार्ग पर व्यवसाय करने वाले छोटे दुकानदारों के पुनर्वास का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी जोड़ा कि धार्मिक पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए ज्वालामुखी के साथ-साथ नैना देवी मंदिर को भी इस विशिष्ट योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
अपने प्रवास के दौरान सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र को कई महत्वपूर्ण विकासात्मक सौगातें दीं। उन्होंने दरंग में इलेक्ट्रिकल डिवीजन एवं उपमंडल कार्यालय भवन का विधिवत शिलान्यास किया। इस अवसर पर उनके साथ स्थानीय विधायक संजय रत्न और देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद निर्माण कार्य की आधारशिला रखी।
क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने देहरियां में 33 केवी सब-स्टेशन स्थापित करने की घोषणा की। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस सब-स्टेशन से स्थानीय निवासियों और विशेषकर विद्यार्थियों को बिजली की अघोषित कटौती से राहत मिलेगी और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे में सुधार से स्थानीय आर्थिकी को भी बल मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान विधायक संजय रत्न ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और क्षेत्र की विभिन्न मांगों को उनके समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने स्थानीय मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन देते हुए कहा कि उनकी सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है। मुख्यमंत्री द्वारा की गई इन बड़ी घोषणाओं के बाद क्षेत्र की जनता और पर्यटन व्यवसायियों में खुशी की लहर देखी गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मास्टर प्लान का कार्य शीघ्र पूर्ण कर धरातल पर काम शुरू करें।
Pls read:Himachal: हिमाचल में पंचायतीराज चुनावों के लिए भाजपा ने कसी कमर मजबूत उम्मीदवारों की तलाश शुरू