Delhi: एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने पद से दिया इस्तीफा

नई दिल्ली। भारतीय विमानन क्षेत्र में इन दिनों बड़े नेतृत्व परिवर्तन का दौर चल रहा है। इंडिगो के प्रमुख पीटर एल्बर्स के पद छोड़ने के कुछ ही समय बाद अब एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विल्सन को वर्ष 2022 में पांच साल के अनुबंध पर नियुक्त किया गया था और उनका कार्यकाल जुलाई 2027 में समाप्त होना था, लेकिन उन्होंने समय से पहले ही जिम्मेदारी छोड़ने का निर्णय लिया है।

कैंपबेल विल्सन का यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब भारतीय एयरलाइंस कई तरह की परिचालन बाधाओं, भारी वित्तीय घाटे और सुरक्षा संबंधी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही हैं। विल्सन के कार्यकाल की सबसे बड़ी और दुखद घटना 12 जून 2025 को हुई थी, जब एअर इंडिया का एक बोइंग ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस भीषण हादसे में 241 लोगों की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से ही विल्सन के इस्तीफे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।

एअर इंडिया ने आधिकारिक तौर पर विल्सन के इस्तीफे की पुष्टि कर दी है। एयरलाइन द्वारा जारी बयान में बताया गया कि विल्सन ने वर्ष 2024 में ही चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को 2026 में पद छोड़ने की अपनी मंशा से अवगत करा दिया था। उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया ताकि कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया स्थिर और सुव्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके। जब तक कंपनी उनके उत्तराधिकारी की खोज पूरी नहीं कर लेती, तब तक विल्सन अपने पद पर बने रहेंगे। नए सीईओ के चयन के लिए एक समिति का गठन भी कर दिया गया है।

अपने कार्यकाल की उपलब्धियों पर बात करते हुए कैंपबेल विल्सन ने कहा कि एअर इंडिया के निजीकरण के बाद के चार वर्षों में बहुत कुछ बदला है। उनके नेतृत्व में चार एयरलाइनों का सफल विलय हुआ और सार्वजनिक क्षेत्र की कार्यप्रणाली को निजी क्षेत्र की आधुनिक संस्कृति में ढाला गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान बेड़े में 100 अतिरिक्त विमान जोड़े गए और विमानों के आंतरिक हिस्सों का आधुनिकीकरण किया गया। साथ ही सेवा मानकों में भी सुधार के प्रयास किए गए।

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने विल्सन के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विल्सन ने ऐसे समय में कंपनी की कमान संभाली जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं और कई भू-राजनीतिक चुनौतियां सामने थीं। इन प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद विल्सन ने संगठन को मजबूती प्रदान की। विल्सन ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में अपने अनुभवों को साझा किया है और वे नए उत्तराधिकारी के कार्यभार संभालने तक अपनी सेवाएं जारी रखेंगे। इससे पूर्व इंडिगो में भी नेतृत्व परिवर्तन हुआ था, जहां विलियम वाल्श ने मार्च में पदभार ग्रहण किया था।

 

Pls read:Delhi: पश्चिम एशिया में ऊर्जा संकट के बीच भारत ने रूस से बढ़ाया तेल आयात 90 फीसदी की हुई भारी वृद्धि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *