Iran: इजरायल ने ईरानी नागरिकों को ट्रेनों से दूर रहने की दी अंतिम चेतावनी

नई दिल्ली। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब एक अत्यंत भयावह और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच इजरायली सेना ने ईरानी नागरिकों के लिए एक विशेष और गंभीर चेतावनी जारी की है। इजरायल ने ईरानी लोगों को हिदायत दी है कि वे रेल यात्रा करने से बचें और रेलवे ट्रैक के आसपास न जाएं, क्योंकि वहां उनकी उपस्थिति उनके जीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

इजरायली सेना ने फारसी भाषा में संदेश प्रसारित करते हुए ईरानियों से अनुरोध किया है कि वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान के समयानुसार रात 9:00 बजे तक पूरे देश में ट्रेनों का उपयोग करने या रेलवे स्टेशनों पर जाने से पूरी तरह परहेज करें। सेना के इस कड़े रुख से यह संकेत मिल रहे हैं कि ईरान का रेलवे नेटवर्क इजरायल के अगले सैन्य लक्ष्यों में शामिल हो सकता है।

ज्ञात हो कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर पहला हमला 28 फरवरी 2026 को किया गया था, जिसके बाद से दोनों पक्षों के बीच मिसाइलों और ड्रोन हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस युद्ध के कारण तेहरान प्रशासन ने पिछले कई हफ्तों से पूरे देश में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगा रखी है। इस वजह से आम नागरिकों तक अंतरराष्ट्रीय चेतावनियां और महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। हालांकि, ईरान के बाहर से संचालित होने वाले फारसी भाषा के सैटेलाइट नेटवर्क इन सूचनाओं को प्रसारित कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों तक युद्ध की स्थिति की जानकारी पहुंच रही है।

इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई 48 घंटे की समय सीमा समाप्त होने की कगार पर है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि उसने बुधवार सुबह तक आत्मसमर्पण नहीं किया, तो उसे भारी तबाही का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब हमले केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि ईरान के सभी बिजली संयंत्रों और पुलों को भी निशाना बनाया जाएगा।

इससे पहले, इजरायल ने मंगलवार तड़के ईरान के तीन प्रमुख हवाई अड्डों पर भीषण स्ट्राइक की थी, जिसमें दर्जनों विमान, हेलीकॉप्टर और कई महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठान तबाह होने की खबर है। जवाब में ईरान ने भी इजरायल और उसके पड़ोसी खाड़ी देशों के खिलाफ मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। तनाव और अधिक तब बढ़ गया जब ईरान ने ट्रंप के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया और बातचीत के लिए 10 कड़ी शर्तें रख दीं। ट्रंप की डेडलाइन और इजरायली सेना की नई धमकियों ने अब पूरे मध्य पूर्व को विनाश की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।

 

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