हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में चल रहे चैत्र मेलों के दौरान एक बार फिर मातम पसर गया। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कांगड़ा जिले के देहरा क्षेत्र से दर्शन करने आई एक 68 वर्षीय महिला श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हो गई। मेलों के आयोजन के दौरान पिछले चार दिनों के भीतर यह दूसरी मौत है, जिससे मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच चिंता की लहर दौड़ गई है।
मृतक महिला की पहचान कांगड़ा जिले की देहरा तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव नोरा की निवासी कृष्णा कुमारी के रूप में हुई है। चश्मदीदों के अनुसार, कृष्णा कुमारी बाबा बालकनाथ के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में मौजूद थीं। इसी दौरान वे अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं। उन्हें गिरता देख आसपास मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना मंदिर ट्रस्ट प्रशासन को दी और महिला को सहायता पहुंचाने का प्रयास किया।
सूचना मिलते ही मंदिर प्रशासन की मेडिकल टीम और अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने महिला को प्राथमिक उपचार और चिकित्सीय सहायता देने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनके प्राण पखेरू उड़ चुके थे। प्रारंभिक चिकित्सकीय जांच के आधार पर मौत का संभावित कारण दिल का दौरा (हार्ट अटैक) माना जा रहा है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का सटीक पता पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस दुखद घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मंदिर अधिकारी केशव कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजनों को सूचित किया गया। मंदिर न्यास की ओर से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मृतक के स्वजनों को तत्काल सहायता के रूप में 10 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की गई है।
गौरतलब है कि बाबा बालकनाथ मंदिर में इन दिनों चैत्र मेले चल रहे हैं और देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ और चढ़ाई वाले रास्तों के कारण बुजुर्ग श्रद्धालुओं को अक्सर शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। चार दिन में हुई इन दो मौतों ने सुरक्षा और स्वास्थ्य इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखें और यदि कोई पहले से बीमार है, तो सावधानी के साथ ही मंदिर की सीढ़ियां चढ़ें। फिलहाल इस घटना से मंदिर में आने वाले अन्य श्रद्धालु भी स्तब्ध हैं।