खटीमा। उत्तराखंड की बेटियों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेधा और प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए देवभूमि का मान बढ़ाया है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाली प्रदेश की तीन होनहार बेटियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने खटीमा स्थित अपने निजी आवास नगला तराई में इन सफल अभ्यर्थियों का स्वागत किया और उन्हें इस गौरवशाली उपलब्धि के लिए बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बेटियों की सफलता केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है।
बेटियों की सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा
यूपीएससी की परीक्षा में चयनित होकर प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनने वाली शांभवी तिवारी (निवासी किच्छा), प्रिया चौहान (निवासी काशीपुर) और सौम्या गर्ब्याल (निवासी भीमताल) ने मुख्यमंत्री के साथ अपने संघर्ष और सफलता के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन तीनों बेटियों को सम्मानित करते हुए कहा कि इनकी उपलब्धि राज्य के उन हजारों युवाओं के लिए एक मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत का कार्य करेगी, जो सिविल सेवा में जाकर राष्ट्र सेवा का सपना देख रहे हैं।
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण करना किसी भी अभ्यर्थी के कठिन परिश्रम, अटूट समर्पण और अनुशासन का परिणाम होता है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि उत्तराखंड की बेटियां आज हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और अपनी मेहनत के बल पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने बेटियों को पुस्तक, उपहार और शॉल भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
अभिभावकों के त्याग की सराहना
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल सफल अभ्यर्थियों से ही नहीं, बल्कि उनके साथ आए परिजनों से भी आत्मीय वार्ता की। उन्होंने माता-पिता के त्याग और मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी बच्चे की सफलता के पीछे उसके परिवार का बहुत बड़ा योगदान होता है। मुख्यमंत्री ने परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी बेटियों को शिक्षित और सशक्त बनाकर समाज के सामने एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये बेटियां अब प्रशासनिक पदों पर आसीन होकर पूरी निष्ठा के साथ जनसेवा करेंगी और उत्तराखंड की विकास यात्रा में अपना बहुमूल्य योगदान देंगी।
पर्वतारोहण में टीम लीडर लता बिष्ट को मिला सम्मान
यूपीएससी अभ्यर्थियों के सम्मान के साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश की एक और साहसी बेटी और जनपद की जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट की उपलब्धि को भी रेखांकित किया। लता बिष्ट ने भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा आयोजित एक अत्यंत कठिन पर्वतारोहण अभियान का टीम लीडर के रूप में सफल नेतृत्व किया था। उनके नेतृत्व में टीम ने माउंट चंद्रभागा-13 (6264 मीटर) और माउंट चंद्रभागा-14 (6074 मीटर) का सफलतापूर्वक आरोहण किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लता बिष्ट के इस साहसिक कार्य की सराहना करते हुए उन्हें शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहण जैसे जोखिम भरे अभियानों में टीम का नेतृत्व करना और चोटियों पर फतह हासिल करना यह दर्शाता है कि उत्तराखंड के युवाओं के भीतर अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता विद्यमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन और साहसिक खेलों के क्षेत्र में लता बिष्ट जैसी अधिकारी राज्य के लिए एक बड़ी संपत्ति हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
नगला तराई स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस गरिमामयी सम्मान समारोह में जिले के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी और अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह नेगी ने भी सफल अभ्यर्थियों और पर्वतारोही को बधाई दी। इसके अलावा उपजिलाधिकारी तुषार सैनी और प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह सम्मान समारोह उन सभी बेटियों के प्रति सम्मान का प्रतीक है जो अपनी मेहनत से प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि उनकी सरकार राज्य की खेल प्रतिभाओं, मेधावी छात्रों और साहसी युवाओं को हर संभव सहायता और मंच प्रदान करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। यूपीएससी में चयनित शांभवी तिवारी, प्रिया चौहान और सौम्या गर्ब्याल के साथ-साथ पर्वतारोही लता बिष्ट के सम्मान ने प्रदेश के अन्य युवाओं के भीतर भी कुछ कर गुजरने का उत्साह भर दिया है। खटीमा में हुआ यह ‘मुख्य सेवक संवाद’ भविष्य के सुशासन और महिला सशक्तिकरण की एक मजबूत तस्वीर पेश करता है।