भराडीसैंण। मध्यपूर्व के देशों में चल रहे युद्ध और अस्थिरता के बीच उत्तराखंड शासन ने प्रदेश में ईंधन और एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भराडीसैंण में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य के नागरिकों को आश्वस्त किया है कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उपभोक्ताओं को आपूर्ति बाधित होने जैसी किसी भी आशंका से घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि राज्य में गैस वितरण की स्थिति पूरी तरह सामान्य है। सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति गैस की कमी को लेकर भ्रामक सूचनाएं या अफवाहें फैलाता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आपूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बैठक के दौरान बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यपूर्व एशिया के देशों में उत्पन्न तनावपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए उत्तराखंड शासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा कि ईंधन और एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था पर राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक लगातार पैनी नजर रखी जा रही है। इस विशेष समीक्षा बैठक में सभी जिलों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। इसके अतिरिक्त इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर और खाद्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने भी जमीनी हकीकत से शासन को अवगत कराया।
तेल कंपनियों ने पुख्ता की उपलब्धता
बैठक में इंडियन ऑयल के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर कृष्ण कुमार गुप्ता और स्वर्ण सिंह ने आपूर्ति के आंकड़ों को प्रस्तुत करते हुए जानकारी दी कि वर्तमान में उत्तराखंड के किसी भी हिस्से में घरेलू गैस की कमी नहीं है। तेल कंपनियों की ओर से यह भरोसा दिलाया गया कि रीफिलिंग और वितरण की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के जारी है। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि वर्तमान में जो भी समस्या दिखाई दे रही है, वह केवल सोशल मीडिया पर चल रही गलत जानकारियों और अफवाहों के कारण है, जिसे नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है।
कालाबाजारी रोकने के लिए बनेगी क्विक रिस्पॉन्स टीम
गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और डायवर्जन पर लगाम लगाने के लिए मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने प्रत्येक तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) की अध्यक्षता में ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ (क्यूआरटी) गठित करने का आदेश दिया है। यह विशेष टीम निरंतर छापेमारी अभियान चलाएगी और यदि कहीं भी गैस सिलेंडरों की अवैध स्टॉकिंग या निर्धारित मूल्य से अधिक पर बिक्री की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। मुख्य सचिव ने कहा कि संकट के इस समय का अनुचित लाभ उठाने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
प्राथमिकता के आधार पर होगा वाणिज्यिक गैस का वितरण
बैठक में एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेते हुए यह तय किया गया कि वाणिज्यिक (कमर्शियल) गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। शासन ने निर्देश दिया है कि अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों को गैस की आपूर्ति बिना किसी कटौती के पूर्ववत जारी रहेगी। हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए होटलों, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति को अस्थायी रूप से सीमित रखा जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता की घरेलू जरूरतों और आपातकालीन सेवाओं जैसे अस्पतालों में किसी भी प्रकार का संकट पैदा न हो।
प्रशासन और पुलिस को अलर्ट पर रहने के निर्देश
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखें। उन्होंने कहा कि अफवाहों के कारण कहीं भी भगदड़ या पैनिक बाइंग (जरूरत से ज्यादा खरीदारी) की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासनिक अमला सक्रिय रहे। पुलिस विभाग को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है ताकि भ्रामक संदेश फैलाने वालों की पहचान की जा सके। राज्य स्तरीय और जनपद स्तरीय आपदा कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन सूचना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
जनता तक सही सूचना पहुंचाने की पहल
सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह भी तय किया है कि जिलाधिकारी और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आयुक्त नियमित रूप से प्रेस ब्रीफिंग करेंगे। इसके माध्यम से जनता को प्रतिदिन गैस की उपलब्धता और स्टॉक की सही जानकारी दी जाएगी। शासन का मानना है कि सूचनाओं के आदान-प्रदान में स्पष्टता रहने से अफवाहों का बाजार ठंडा रहेगा।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
भराडीसैंण में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव एल. फैनई, गृह सचिव शैलेश बगौली, खाद्य आयुक्त आनंद स्वरूप और सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक डिजिटल माध्यम से जुड़े रहे। शासन ने अंत में पुनः जनता से अपील की है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार ही गैस की मांग करें और अफवाहों पर ध्यान न देकर प्रशासन का सहयोग करें। सरकार स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए है और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।