देहरादून। उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में विकास कार्यों को गति देने के लिए कुल 75.36 करोड़ रुपये की भारी-भरकम वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस धनराशि का उपयोग सड़क नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, बाढ़ सुरक्षा कार्यों, कूड़ा निस्तारण और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इन योजनाओं के माध्यम से न केवल स्थानीय निवासियों का जीवन सुगम हो, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिले।
सड़क और स्वास्थ्य ढांचे पर विशेष ध्यान
पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्वीकृत की गई इस धनराशि का एक बड़ा हिस्सा राज्य के सड़क संपर्क को बेहतर बनाने पर खर्च होगा। विशेष रूप से अनुसूचित जाति उपयोजना (एस.सी.एस.पी.) के अंतर्गत पौड़ी गढ़वाल जिले के विकासखंड पाबौ में महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। यहां ‘बेडा का जगड’ मोटर मार्ग के पहले से पांचवें किलोमीटर तक के हिस्से का सुदृढ़ीकरण और डामरीकरण किया जाएगा, जिसके लिए 3.58 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसी योजना के तहत हरिद्वार जिले में स्थित राजकीय उपजिला चिकित्सालय रुड़की में बिजली की पुरानी और जर्जर हो चुकी वायरिंग को बदलने के लिए 3.93 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे अस्पताल में मरीजों को बेहतर और सुरक्षित सेवाएं मिल सकेंगी।
देहरादून जिले के अंतर्गत आने वाले मसूरी विधानसभा क्षेत्र में भी सड़कों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है। न्यू कैंट मोटर मार्ग के सालावाला पुल से विजय कॉलोनी पुल तक के हिस्से को अब दो लेन में तब्दील किया जाएगा। इस मार्ग की चौड़ाई बढ़ाकर 10.50 मीटर की जाएगी, जिससे यातायात का दबाव कम होगा। इस परियोजना के दूसरे चरण के लिए मुख्यमंत्री ने 16.87 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
बाढ़ सुरक्षा और शहरी सौंदर्यीकरण
चंपावत विधानसभा क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शारदा नदी के तटों पर सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। टनकपुर में शारदा नदी के दाएं किनारे पर तटबंध निर्माण और बाढ़ सुरक्षा के लिए बूम व उचौलीगोठ क्षेत्रों में काम होगा। इस पूरी योजना के लिए 15.69 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। यह कदम बरसात के मौसम में नदी के किनारे रहने वाले लोगों को बाढ़ के खतरे से सुरक्षित रखने में सहायक सिद्ध होगा।
शहरी विकास और स्वच्छता के क्षेत्र में भी बड़े फैसले लिए गए हैं। ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में जमा हो चुके ‘लीगेसी वेस्ट’ (पुराने कूड़े) के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए 6.79 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होगा और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा। वहीं, पिथौरागढ़ नगर निगम क्षेत्र में ‘देवभूमि रजत जयंती पार्क’ के निर्माण के लिए 9.81 करोड़ रुपये की योजना को हरी झंडी दी गई है, जो स्थानीय लोगों के लिए मनोरंजन का एक आधुनिक केंद्र बनेगा।
पर्यटन और मीडिया सुविधाओं का विस्तार
टनकपुर क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष रुचि दिखाई है। यहां एक अत्याधुनिक मीडिया सेंटर, गेस्ट हाउस और कम्युनिटी हॉल के निर्माण की योजना बनाई गई है। इसके लिए कुल 14.24 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से पहली किस्त के रूप में 1.00 करोड़ रुपये जारी करने के आदेश दे दिए गए हैं। इन सुविधाओं के बनने से न केवल मीडिया कर्मियों को कार्य करने में आसानी होगी, बल्कि स्थानीय सामाजिक आयोजनों और पर्यटकों के लिए भी बेहतर स्थान उपलब्ध होगा।
चारधाम और पर्यटन स्थलों के लिए एआई आधारित सुरक्षा प्रणाली
पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद करने के लिए तकनीक का सहारा लिया है। चारधाम यात्रा और अन्य मुख्य पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए संदिग्ध तत्वों और अवांछनीय गतिविधियों पर नजर रखना एक बड़ी चुनौती है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रदेश के पांच प्रमुख जनपदों में ‘एआई बेस्ड फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम’ (कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चेहरा पहचान प्रणाली) और ‘डाटा एनालिटिक्स सॉफ्टवेयर सिस्टम’ स्थापित किए जाने को मंजूरी दी गई है।
इस सुरक्षा परियोजना के लिए मुख्यमंत्री ने 4.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस अत्याधुनिक सिस्टम के माध्यम से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में संदिग्धों की पहचान कर सकेंगी और डाटा का विश्लेषण कर भविष्य की चुनौतियों के लिए रणनीति तैयार कर सकेंगी। यह प्रणाली विशेष रूप से चारधाम यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को डिजिटल रूप से सशक्त बनाएगी।
पुष्कर सिंह धामी सरकार द्वारा ली गई ये वित्तीय स्वीकृतियां यह दर्शाती हैं कि राज्य सरकार पहाड़ से लेकर मैदान तक विकास के हर पहलू पर समान रूप से कार्य कर रही है। इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव आएगा और आम जनता को सरकारी सेवाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी कार्य समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
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